Cyber Fraud : ग्वालियर: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड शिक्षक को अपना शिकार बनाते हुए ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। ठगों ने शिक्षक को डराकर 48 घंटे तक उनके ही घर में कैद रखा और जांच के नाम पर करीब 29 लाख 50 हजार रुपये ऐंठ लिए।
Cyber Fraud : डेढ़ करोड़ के फ्रॉड का दिखाया डर
मूल रूप से भिंड के रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक प्रेम सिंह कुशवाह को ठगों ने निशाना बनाया। जालसाजों ने उन्हें फोन कर बताया कि मुंबई में उनके नाम के एक बैंक खाते से डेढ़ करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन हुआ है। ठगों ने उन्हें और उनके पूरे परिवार को इस गंभीर केस में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी। गिरफ्तारी के इसी डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने शिक्षक को दो दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल निगरानी (डिजिटल अरेस्ट) में रखा।
तीन लेयर में ट्रांसफर हुई रकम
डर के साये में जी रहे प्रेम सिंह से ठगों ने अलग-अलग किस्तों में कुल 29 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस जांच में पता चला है कि यह रकम बहुत शातिर तरीके से तीन अलग-अलग लेयर में करीब 30 बैंक खातों में भेजी गई थी, ताकि पैसों का पता लगाना मुश्किल हो सके।
साइबर सेल ने 8 लाख रुपये कराए फ्रीज
मामले की शिकायत मिलने के बाद राज्य साइबर सेल की टीम तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर ठगी गई रकम में से 8 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज करवा दिए हैं। हालांकि, करीब 19 लाख रुपये की राशि ठग पहले ही निकाल चुके थे।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल साइबर पुलिस उन 30 खातों की कुंडली खंगाल रही है, जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है; यह केवल लोगों को डराने का एक तरीका है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई खुद को पुलिस अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डराए, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें।