बीजापुर। बीजापुर वनमण्डल अंतर्गत स्थायी नर्सरी दुगोली, मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर 4.500 हेक्टेयर क्षेत्र में संचालित है। पूर्व में यहां सीमित स्तर पर पौध तैयार किए जाते थे, जिनके लिए कम स्थान की आवश्यकता होती थी, किंतु वर्तमान में नर्सरी में वृहद स्तर पर पौध तैयार करने का कार्य जारी है।
मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर वृत्त, जगदलपुर के पत्र क्रमांक/लेखा/355 दिनांक 15 जनवरी 2026 के तहत 1 लाख पौधे, पत्र क्रमांक/लेखा/970 दिनांक 13 फरवरी 2026 के तहत 50 हजार पौधे तथा जिला पंचायत बीजापुर द्वारा जारी स्वीकृति आदेश के अंतर्गत 1 लाख पौधे तैयार करने की अनुमति प्रदान की गई है। इस प्रकार कुल 2.5 लाख पौधों की तैयारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सूखे व मरणासन्न वृक्ष बने थे बाधा
नर्सरी के चिन्हांकित वेड क्षेत्र के मध्य में मिश्रित प्रजाति के कुछ बड़े, सूखे एवं मरणासन्न वृक्ष खड़े थे। इन वृक्षों की अधिक छाया के कारण पौधों की समुचित वृद्धि प्रभावित होने की संभावना थी, जिससे पौध उत्पादन कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
इस संबंध में वनमण्डलाधिकारी, बीजापुर वनमण्डल के पत्र क्रमांक/राजस्व/739 दिनांक 16 फरवरी 2026 के तहत विधिवत अनुमति प्राप्त कर कुल 38 नग सागौन एवं अन्य मिश्रित प्रजाति के सूखे एवं मरणासन्न वृक्षों की कटाई की गई।

विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत कार्रवाई
वन विभाग के अनुसार कटाई कार्य पूर्णतः नियमों के अनुरूप किया गया है। कटाई उपरांत लकड़ियों की हेमरिंग कर विधिवत चालान के माध्यम से लट्ठों को काष्ठागार डिपो तक परिवहन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बड़े व्यास वाले वृक्षों को हटाने के लिए जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। दिन के समय मशीन की अनुपलब्धता के कारण विदोहन कार्य के पश्चात बड़े लट्ठों को किनारे तक पहुंचाने का कार्य देर शाम तक जारी रहा।

वन विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई केवल पौध उत्पादन में आ रही बाधा को दूर करने और नर्सरी के सुचारु संचालन के उद्देश्य से की गई है, ताकि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 2.5 लाख पौधों की तैयारी समय पर पूरी की जा सके।