गरियाबंद में शिशु मंदिर का भव्य सांस्कृतिक आयोजन, नन्हें भैय्या-बहनों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक; जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर बोले – संस्कारयुक्त शिक्षा ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला
गरियाबंद। भूतेश्वर नाथ बाल संस्कार समिति द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गरियाबंद में गुरुवार 26 फरवरी 2026 को शिशु नगरी (कक्षा अरुण से चतुर्थ तक) के भैय्या-बहनों का भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। विद्यालय परिसर रंग-बिरंगी सजावट, आकर्षक मंच और उत्साहित विद्यार्थियों की उपस्थिति से उत्सवमय वातावरण में बदल गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती, ओंकार एवं सरस्वती माता के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात स्वागत गीत की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का दिल जीत लिया। विद्यालय के प्राचार्य चैन सिंह बघेल ने विद्यालय का विस्तृत वृत्त वाचन प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक उपलब्धियों, संस्कारपरक गतिविधियों एवं सह-शैक्षणिक कार्यक्रमों की जानकारी दी।
संस्कारयुक्त शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला”- अनिल चंद्राकर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित (जिला अध्यक्ष भाजपा) ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि शिशु मंदिर की शिक्षा प्रणाली केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के व्यक्तित्व, चरित्र और राष्ट्रप्रेम को भी गढ़ती है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में जहां भौतिक शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं शिशु मंदिर संस्कार और अनुशासन के माध्यम से संतुलित शिक्षा का आदर्श प्रस्तुत कर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि यहां भोजन से पूर्व मंत्रोच्चार, गुरुजनों का सम्मान, माता-पिता के प्रति आदर और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्य बच्चों के जीवन में प्रारंभ से ही रोपे जाते हैं। यही कारण है कि शिशु मंदिर के विद्यार्थी आगे चलकर समाज और राष्ट्र की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
विशेष अतिथि आशीष शर्मा (जिला महामंत्री) ने अपने संबोधन में कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता और नेतृत्व कौशल का विकास करते हैं। मंच पर प्रस्तुति देने से बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा निखर कर सामने आती है और वे समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित होते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सुरेन्द्र सोनटेके (सभापति, नगर पालिका परिषद गरियाबंद) ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षा को जीवंत बनाते हैं। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, लघु नाटिका, कविताएं एवं पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। अभिभावकों ने भी बच्चों की प्रतिभा पर गर्व व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान तालियों की गूंज से वातावरण उत्साहपूर्ण बना रहा।

कार्यक्रम में विजय सिन्हा, मानिक लाल साहू (विभाग समन्वयक, राजिम), लोकनाथ साहू (अध्यक्ष,भूतेश्वर नाथ बाल संस्कार समिति), सत्यप्रकाश मानिकपुरी (व्यवस्थापक), प्रकाश निर्मलकर (कोषाध्यक्ष), योगेश कुमार साहू (प्रधानाचार्य) सहित अनेक गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन गोविंद किशोर सिन्हा आचार्य ने प्रभावी ढंग से किया। आयोजन को सफल बनाने में समस्त आचार्य/दीदी, समिति परिवार के पदाधिकारी, किशोर/कन्या/बाल भारती तथा स्काउट-गाइड के भैय्या-बहनों का सराहनीय योगदान रहा।
अंत में व्यवस्थापक द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता जताई गई। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ संस्कार का संगम ही उज्ज्वल भविष्य की नींव है।