रक्सौल। स्थानीय हवाई अड्डा परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान रविवार को भीड़ प्रबंधन की कमी के कारण गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे पंडाल के मुख्य गेट की रेलिंग टूट गई। इस दौरान मची अफरातफरी में कई श्रद्धालु घायल हो गए और दो महिलाएं बेहोश हो गईं। कई बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए, जिससे कुछ समय के लिए कार्यक्रम स्थल पर भारी अशांति का माहौल रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे हटाना पड़ा।
आयोजन स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने समिति द्वारा बनाई गई वीआईपी व्यवस्था और विशेष पास प्रणाली पर कड़ा रोष व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि जब कथा के लिए पूरे बाजार और गांवों से चंदा लिया गया है, तो अधिक राशि देने वालों के लिए अलग और वीआईपी व्यवस्था क्यों की गई है। सामान्य श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति के निजी सुरक्षा गार्डों पर दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया। श्रद्धालुओं का मानना है कि वीआईपी लोगों को दी जा रही प्राथमिकता के कारण ही बार-बार व्यवस्था बिगड़ रही है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने लाठीचार्ज की बात से इनकार करते हुए कहा कि केवल भीड़ को नियंत्रित किया गया है। मौके पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि अधिक भीड़ के कारण अव्यवस्था हुई है और आयोजन समिति को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। कथा स्थल पर हेल्प डेस्क या पूछताछ काउंटर की व्यवस्था न होने के कारण परिजनों से बिछड़े बच्चों को ढूंढने में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।