फर्जी इंस्पेक्टर बनकर ब्लैकमेलिंग का जाल, 15 लाख की वसूली से टूटे निगम कर्मचारी ने दी जान, मोबाइल से खुले राज

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से हनी ट्रैप और फोन पर ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर धमकाने और लगातार पैसों की मांग से परेशान नगर निगम के एक कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली। मृतक के मोबाइल फोन से धमकी भरे मैसेज और कॉल डिटेल्स बरामद हुई हैं। इस मामले में एक युवती और उसके चाचा पर गंभीर आरोप लगे हैं। कोलार थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डेढ़ साल तक चलता रहा ब्लैकमेलिंग का खेल
30 वर्षीय सुल्तान नगर निगम में कार्यरत था। पुलिस जांच में सामने आया है कि नेहा नाम की एक युवती ने उसे प्रेमजाल में फंसाया, जिसके बाद उसका चाचा खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर फोन पर धमकाने लगा। दोनों मिलकर सुल्तान को झूठे केस में फंसाने और समाज में बदनाम करने की धमकी देकर पैसे ऐंठते रहे।

परिजनों के मुताबिक, सुल्तान बीते डेढ़ साल में आरोपियों को करीब 15 लाख रुपए दे चुका था, लेकिन इसके बावजूद ब्लैकमेलिंग का सिलसिला नहीं रुका। फोन न उठाने पर गाली-गलौज और धमकी भरे मैसेज भेजे जाते थे।

मौत से पहले भाई को बताई पूरी आपबीती
लगातार मानसिक प्रताड़ना से टूट चुके सुल्तान ने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खा लिया। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाते समय उसने अपने भाई को पूरी कहानी बताई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पिछले करीब सात महीने से वह गुमसुम रहने लगा था और अपने बच्चों से भी दूरी बना चुका था।

मोबाइल से मिले पुख्ता सबूत
मृतक के मोबाइल की जांच में पुलिस को ब्लैकमेलिंग से जुड़े कई स्क्रीनशॉट, अश्लील और धमकी भरे मैसेज मिले हैं। कॉल लॉग में फर्जी इंस्पेक्टर के नंबर से करीब 161 मिस कॉल दर्ज पाई गई हैं। पुलिस ने मोबाइल को जब्त कर लिया है।

आरोपी युवती और चाचा की जांच जारी
फिलहाल कोलार थाना पुलिस ने युवती नेहा और उसके चाचा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दोनों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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