मनरेगा बचाने के लिए कांग्रेस का हल्लाबोल: मनेंद्रगढ़ में उपवास सत्याग्रह, पूर्व विधायकों ने केंद्र पर साधा निशाना; VB-GRAM-G कानून रद्द करने की मांग

मनेंद्रगढ़ (MCB)। काम के अधिकार की रक्षा के लिए देशभर में चल रहे “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को ग्राम चैनपुर धरना स्थल पर एक दिवसीय उपवास सत्याग्रह किया। इस दौरान कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मजदूरों के हक पर हमला बर्दाश्त नहीं: अशोक श्रीवास्तव

सत्याग्रह को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार महात्मा गांधी के नाम से चल रही इस योजना की मूल भावना को खत्म करना चाहती है। केवल नाम बदलने की राजनीति की जा रही है, जबकि हकीकत में मजदूरों को न काम मिल रहा है और न समय पर मजदूरी। यह सीधे तौर पर गरीबों और मेहनतकश वर्ग के अधिकारों पर हमला है।

योजना को कमजोर करने की साजिश: विनय जायसवाल

पूर्व विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक रोजगार पहुंचाना था। लेकिन आज बजट में कटौती और भुगतान में देरी कर इस योजना को कमजोर किया जा रहा है। सरकार की नीयत मजदूरों के हित में नहीं है, जिसे जनता देख रही है।

सड़क से सदन तक लड़ेंगे लड़ाई: गुलाब कमरो

पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने स्पष्ट किया कि मनरेगा संविधान प्रदत्त काम के अधिकार का हिस्सा है। केंद्र सरकार गांधी जी के नाम के साथ-साथ मजदूरों के अधिकारों को भी खत्म करने की साजिश रच रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों, गरीबों और किसानों के हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से खड़ी रहेगी।

युवाओं और मजदूरों के साथ खड़ी एनएसयूआई: नीरज पांडे

एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने मनरेगा को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आज युवा और मजदूर दोनों भटकने को मजबूर हैं। युवा कांग्रेस और एनएसयूआई इस आंदोलन में पूरी ताकत के साथ मजदूरों के साथ है।

VB-GRAM-G कानून रद्द करने की उठी मांग

उपवास सत्याग्रह के अंत में सभी नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि मनरेगा को उसकी मूल भावना के साथ बहाल किया जाए। साथ ही, काम के अधिकार को कमजोर करने वाले VB-GRAM-G कानून को तत्काल रद्द करने की मांग उठाई गई। कांग्रेसियों ने संकल्प लिया कि जब तक मजदूरों को कानूनी रोजगार गारंटी और न्यायसंगत मजदूरी नहीं मिलती, यह आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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