गांव-गांव पहुंच रही कांग्रेस, जनसमर्थन में इजाफा;
गरियाबंद।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार एवं
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुखचंद बेसरा और पूर्व पंचायत मंत्री अमितेश शुक्ल के मार्गदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रूपेश साहू के उपस्थित में मिशन गाँव चलो अभियान के तहत संगठन को निचले स्तर तक और अधिक मजबूत करने के लिए वार्ड कमेटी एवं बूथ कमेटी पंचायत कमेटी के गठन की प्रक्रिया जारी है।
ज्ञात हो कि जिले में कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे “मिशन गांव चलो अभियान” का असर अब साफ तौर पर नजर आने लगा है। इस अभियान के तहत कांग्रेस नेताओं की सक्रियता और ग्रामीणों से सीधा संवाद पार्टी के पक्ष में माहौल बना रहा है। परिणामस्वरूप बीजेपी के कई कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम रहे हैं,जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

“मिशन गांव चलो अभियान” के तहत कांग्रेस के जिला,ब्लॉक और मंडल स्तर के पदाधिकारी लगातार गांवों का दौरा कर रहे हैं,जिसमे आज
राजिम विधानसभा अंतर्गत बेलर मंडल के ग्राम पंचायत देवगांव में बुथ एवं पंचायत कमेटी का गठन समस्त कांग्रेस जनों की उपस्थिति में किया गया वही बीजेपी से महेश साहू,द्वारका साहू,गोविंद साहू,सोनू ध्रुव,गोपेश साहू,बुधराम साहू,को पार्टी गमछा पहनकर कांग्रेस के सदस्यता ग्रहण कराया।
इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान का भरोसा दिलाया जा रहा है। किसानों,युवाओं और महिलाओं के बीच कांग्रेस की योजनाओं और नीतियों को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा रही है।
इसी कड़ी में कई स्थानों पर आयोजित बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के दौरान बीजेपी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि कांग्रेस की जमीनी सक्रियता और जनहित की नीतियों से प्रभावित होकर उन्होंने यह निर्णय लिया है।बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में दर्जनों कार्यकर्ता बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।इससे कांग्रेस संगठन को मजबूती मिल रही है,वहीं बीजेपी के लिए यह चिंता का विषय बनता जा रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने कहा कि “मिशन गांव चलो अभियान” का उद्देश्य गांव-गांव जाकर जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए संघर्ष करना है।उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में और भी लोग कांग्रेस से जुड़ेंगे।
जिले में “मिशन गांव चलो अभियान” के जरिए कांग्रेस जिस तरह से अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, उससे आगामी समय में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।लगातार हो रहे दल-बदल ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है और दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच प्रतिस्पर्धा और भी तेज हो गई है।