राजगढ़। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की पहल ‘संवाद से समाधान’ मंगलवार को सख्ती के उदाहरण के रूप में सामने आई। इस कार्यक्रम में राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही उजागर होने पर दो पटवारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की सुस्ती या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी शिकायतों की व्यक्तिगत तौर पर सुनवाई की और मौके पर समाधान के निर्देश दिए।
खसरा नकल अपडेट में चूक पर कड़ी कार्रवाई
- ग्राम मंडावर (नरसिंहगढ़) के निवासियों की शिकायत के आधार पर खसरा नंबर 2067/1/2/1 (0.010 हेक्टेयर) की ऑनलाइन नकल अपडेट नहीं होने की जांच की गई। इसमें पटवारी प्रमोद तिवारी की लापरवाही सामने आने पर उन्हें निलंबित किया गया। नायब तहसीलदार तलेन को 7 दिन में जवाब देने का नोटिस जारी किया गया।
- ग्राम बिसौनिया (सुठालिया) के खसरा नंबर 68/13 (6 बीघा) के 2020 से ऑनलाइन न होने पर हल्का पटवारी कैलाश नारायण वर्मा को निलंबित किया गया। तहसीलदार सुठालिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों को भी मिली जवाबदेही
सारंगपुर क्षेत्र में भूमि रिकॉर्ड अपडेट न होने की शिकायत पर कलेक्टर ने ADM प्रतापसिंह चौहान, SDM रोहित ब्रह्मोरे और तहसीलदार पचोर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही SDM रीडर सारंगपुर की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश भी दिए गए।
पीएम किसान सम्मान निधि में तकनीकी गड़बड़ी
शिकायतकर्ता लखन तिवारी को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलने की जांच में पता चला कि उनकी समग्र आईडी दो अलग-अलग स्थानों (तिदौनिया और भोजपुर) में मैप थी। इस चूक के लिए दोनों हल्का पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
कलेक्टर का संदेश
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने दोहराया कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।