
दावा-आपत्ति सुनवाई का निरीक्षण
सारंगढ़-बिलाईगढ़। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने बुधवार को मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत चल रही दावा-आपत्ति सुनवाई प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत छिंद के क्लस्टर केंद्र और नगरपालिका परिषद कार्यालय सारंगढ़ का दौरा कर आवेदन, दस्तावेज और मतदाताओं की समस्याओं का निरीक्षण किया।
मतदाताओं को मार्गदर्शन
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कौन-कौन से दस्तावेज मान्य हैं, किस स्थिति में कौन-सा फॉर्म भरना आवश्यक है और आवेदन प्रक्रिया कैसे सरलता से पूरी की जा सकती है। इससे मतदाताओं में जागरूकता बढ़ी और भ्रम की स्थिति दूर हुई।
अधिकारियों को निर्देश
कलेक्टर ने दोनों केंद्रों पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर केंद्र में ऐसे कर्मचारी तैनात किए जाएँ जो स्पष्ट और सरल भाषा में मतदाताओं के सवालों का जवाब दे सकें और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी सुनिश्चित करें। उनका मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी आवेदनकर्ता अनावश्यक परेशानी का सामना न करे।
जिले में स्थिति
डॉ. कन्नौजे ने बताया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला राज्य के उन जिलों में शामिल है जहां मतदाता सूची पुनरीक्षण गंभीरता से चल रहा है। जिले में कुल 15,413 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं और वर्तमान में जिला राज्य स्तर पर 13वें स्थान पर है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नोटिस प्राप्त सभी मतदाताओं से समय पर संपर्क कर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
SIR कार्यक्रम और आवेदन प्रक्रिया
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्यक्रम 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक चल रहा है। इस अवधि में पात्र नागरिक अपने नाम मतदाता सूची में जोड़ सकते हैं, नाम सुधार सकते हैं या अपात्र नाम हटा सकते हैं। आयोग मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को करेगा।
युवाओं के लिए विशेष अपील
कलेक्टर ने युवाओं से विशेष अपील की है कि जो 1 जनवरी 2026 तक या उसके पहले 18 वर्ष के हो चुके हैं, या 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष के हो जाएंगे, वे फार्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। जिले में योग्य युवाओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।