नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए बच्चों की शिक्षा के लिए मिलने वाले ‘चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस’ (CEA) के नियमों को और अधिक स्पष्ट और फायदेमंद बना दिया है। नई गाइडलाइंस के तहत अब सरकारी कर्मचारी अपने बच्चों की स्कूली शिक्षा, हॉस्टल फीस और अन्य खर्चों के लिए पहले से अधिक वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
कितनी मिलेगी राशि?
साल 2024 के अपडेटेड नियमों के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों को अब प्रत्येक बच्चे की शिक्षा के लिए ₹2,812.5 प्रति माह दिए जाएंगे। वहीं, यदि बच्चा हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा है, तो यह राशि बढ़कर ₹8,437.5 प्रति माह हो जाएगी। खास बात यह है कि यह भत्ता एक निश्चित (Fixed) राशि के रूप में मिलता है, चाहे कर्मचारी का वास्तविक खर्च इससे कम ही क्यों न हो।
योजना की मुख्य शर्तें और पात्रता:
बच्चों की संख्या: यह लाभ अधिकतम दो जीवित बच्चों के लिए मिलता है। हालांकि, दूसरी डिलीवरी के समय जुड़वां या उससे अधिक बच्चे होने पर अपवाद के रूप में सभी बच्चों के लिए लाभ दिया जाता है।
आयु सीमा: सामान्य बच्चों के लिए 21 वर्ष तक और दिव्यांग बच्चों के मामले में 22 वर्ष की आयु तक यह भत्ता मिलता है।
कक्षा और पाठ्यक्रम: नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक और किसी भी डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स के पहले दो वर्षों के लिए यह सहायता मान्य है।
मान्यता प्राप्त संस्थान: छात्र का स्कूल या कॉलेज केंद्र/राज्य बोर्ड (जैसे CBSE, ICSE) या AICTE से मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य है।
क्लेम करने की प्रक्रिया:
CEA का भुगतान साल में एक बार ‘रिइम्बर्समेंट’ के माध्यम से किया जाता है। इसके लिए कर्मचारी को स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा जारी एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होता है, जो यह पुष्टि करे कि बच्चा उस शैक्षणिक वर्ष के दौरान संस्थान में नियमित रूप से पढ़ रहा था।
नई शिक्षा नीति के तहत विशेष राहत:
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के कार्यान्वयन के कारण किसी बच्चे को एक ही कक्षा दोबारा पढ़नी पड़ती है, तो उस वर्ष के लिए भी एक बार की राहत के तौर पर CEA का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा, सस्पेंशन जैसी स्थितियों में भी कुछ शर्तों के साथ यह सहायता जारी रह सकती है।