राजधानी रायपुर में आज मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ई-गवर्नेंस, डिजिटल मॉनिटरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों और विभागों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित करने से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश में नवाचार और सुशासन की मजबूत संस्कृति भी विकसित होगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जल्द शुरू की जाएगी।
10 पुरस्कार, जिले और विभाग दोनों शामिल
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कारों की घोषणा सुशासन दिवस के अवसर पर की गई थी। इस वर्ष कुल 10 पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें 5 पुरस्कार जिला श्रेणी और 5 पुरस्कार विभागीय श्रेणी में शामिल हैं।
जिला श्रेणी में उत्कृष्ट कार्य और नवाचार के लिए दंतेवाड़ा, जशपुर, गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और नारायणपुर जिलों को सम्मानित किया गया।
विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस समारोह में बड़ी संख्या में आईएएस अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के कलेक्टर, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिवों के साथ-साथ कई सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी भी शामिल हुए।
सुशासन हर निर्णय की आत्मा: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन केवल एक शब्द नहीं, बल्कि हर नीति और निर्णय की आत्मा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैश्विक स्तर पर सुशासन का प्रतीक बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की गई है। बीते दो वर्षों में प्रदेश में 400 से अधिक सुधार किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम हुई हैं और इसे जल्द ही संभागों व जिलों तक विस्तार दिया जाएगा। खनिज से जुड़े परमिट को ऑनलाइन कर पारदर्शिता लाई गई है। इसके साथ ही जेम पोर्टल से खरीदी अनिवार्य की गई है और अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फील्ड में जाकर काम करने की अपील
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपील की कि वे फील्ड में जाकर जनता की समस्याओं को समझें, योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों व आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नीति और नियत दोनों मजबूत हों, तभी सुशासन संभव है।