रायगढ़। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ जिले के प्रवास पर पहुंचे। उनका आगमन शहर के डिग्री कॉलेज स्थित लाल मैदान में हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री के आगमन पर नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, अरुणधर दीवान, पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, गुरुपाल भल्ला, सुभाष पाण्डेय, विजय केडिया, कौशलेष मिश्रा, पवन शर्मा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। सभी ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें आत्मीय अभिनंदन किया। इस अवसर पर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, और नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया और जिले में चल रहे विकास कार्यों तथा नई योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की सफाई, सड़क, जल आपूर्ति और अन्य बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया जाए। प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से शहर के विकास को और गति देने पर बल दिया गया। मुख्यमंत्री के आगमन से लाल मैदान का वातावरण भक्तिभाव और उत्साह से भर गया। जनता ने तालियों और नारेबाजी के माध्यम से अपने समर्थन और स्नेह का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बच्चों और युवाओं ने भी उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री का यह दौरा जिले में सरकारी योजनाओं की प्रगति और विकास कार्यों की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह और उनकी टीम ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता के कल्याण और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लोगों के मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करें और जिले में विकास की गति और तेज करें। इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सराहना की। रायगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह स्वागत और जनता के बीच पहुंचने का कार्यक्रम जिले में विकास और प्रशासनिक सक्रियता का प्रतीक बन गया।