छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय, बगिया (जशपुर) में सपरिवार गोवर्धन पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

इस मौके पर उनके साथ माता जसमनी देवी साय, धर्मपत्नी कौशल्या साय एवं परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। पारंपरिक विधि-विधान और श्रद्धा के साथ गोवर्धन पूजा संपन्न हुई।
“संघर्ष में एकजुटता की प्रतीक है गोवर्धन पूजा” — मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा —
“गोवर्धन पूजा भगवान श्रीकृष्ण की उस प्रेरणादायक लीला की याद दिलाती है, जब उन्होंने गोकुलवासियों को संकट से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठा लिया था। यह पर्व हमें सिखाता है कि जब समाज एकजुट होता है, तब कोई भी संकट असंभव नहीं होता।”
प्रकृति-पूजन और कृतज्ञता का पर्व
सीएम साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कृतज्ञता, सह-अस्तित्व और प्रकृति पूजन का प्रतीक है।
“इस दिन हम गोवंश की पूजा करते हैं, जो भारतीय संस्कृति की आत्मा है। गौ-संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण जैसे मूल्यों को यह पर्व जीवंत रखता है।”
इस अवसर पर प्रदेशभर में भी गोवर्धन पूजा के आयोजन धूमधाम से संपन्न हुए। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाए गए और पारंपरिक भोग अर्पित किए गए।
विशेष नोट:
गोवर्धन पूजा दीपावली के अगले दिन मनाई जाती है और यह पर्व कृष्ण भक्ति, प्रकृति के प्रति सम्मान, और समाज में सहयोग की भावना का संदेश देता है।