मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले को दी करीब 282 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात

अंबिकापुर, 09 अप्रैल, 2026/

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखण्ड मुख्यालय में आयोजित किसान सम्मेलन में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास, भूमिपूजन कर बड़ी सौगात दिए। इस दौरान 281 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत के 51 कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास-भूमिपूजन किया, जिसमें 28 करोड़ 17 लाख रुपए की लागत के 33 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 253 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत के 18 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं भूमिपूजन शामिल हैं।

ईब से इंद्रावती तक विकास कार्यों में कोई समझौता नहीं हजारों की संख्या में उपस्थित किसानों, ग्रामीणों व जिलेवासियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अन्नदाताओं के पसीने का सम्मान करना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है, ईब से इंद्रावती तक विकास कार्यों में कोई समझौता नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा आप सबने हम पर विश्वास जताया है, ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम आखिरी पंक्ति के आखिरी व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचें, योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर मिले।

दलहन-तिलहन, फल, सब्जियों की फसल लगाएं उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी कर रही है, जो देश में सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि को भी होली पर्व के पहले एकमुश्त किसानों के खाते में 10 हजार 324 करोड़ रुपए डालने का काम किया है। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया वहीं किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड शुरू किया। उन्होंने किसानों से कहा कि धान के अलावा दलहन-तिलहन, फल, सब्जियों की फसल भी लगाएं ताकि पानी का उपयोग कम हो।

वादा के साथ करते हैं जमीनी स्तर पर लागू साय ने कहा कि हम सिर्फ वादा नहीं करते बल्कि जमीनी स्तर पर लागू करते हैं। साय ने बताया कि मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाने की स्वीकृति दी और अब तक 8 लाख से अधिक आवास बन भी गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीएम जनमन के तहत 32 हजार आवासों की स्वीकृति दी गई है, वहीं धरती ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 6600 गांवों में रहने वाले जनजाति भाई-बहनों के बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। प्रदेश के 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 26वीं किश्त दी जा चुकी है।

हरा सोना का बढ़ाया दाम उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचल में ‘हरा सोना’ के रूप में विख्यात तेंदूपत्ता की प्रति मानक बोरा दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये कर दी गई है, जिससे 12 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

दहशत से मिली मुक्ति, विकास का नया अध्याय मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में 40 बरसों से नक्सलियों के दहशत के साए में आदिवासी भाई-बहन गुजर रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और जवानों की दृढ़ इच्छाशक्ति की बदौलत 31 मार्च को पूरा प्रदेश नक्सलमुक्त हो गया है।

लुंड्रा का रोचक किस्सा उन्होंने रोचक क़िस्सा बताते हुए कहा कि करीब 12-13 वर्षों के बाद बतौर मुख्यमंत्री लुंड्रा आया हूँ। उन्होंने बताया कि लुंड्रा अंचल से उनका आत्मीय सम्बन्ध रहा है, शादी के बाद उनके ससुर इसी क्षेत्र में पदस्थ होने की वजह से यहाँ उनका आना-जाना होता था। सांसद एवं विधायक के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

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