अंबिकापुर।
मैनपाट महोत्सव सरगुजा जिले की संस्कृति और अस्मिता को प्रदर्शित करने का माध्यम है: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव में पहुंचकर महोत्सव का शुभारंभ किया। समारोह में उन्होंने सभी को मैनपाट महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 2 वर्ष पहले मैनपाट महोत्सव में आना हुआ था, इस साल महोत्सव में बड़ा परिवर्तन दिख रहा है। समारोह में भव्यता दिख रही है, मैनपाट महोत्सव को आने वाले हर वर्ष मनाया जाएगा। सभी से चर्चा कर आयोजन के लिए एक तिथि निर्धारित करेंगे। 2 वर्ष पहले मैनपाट महोत्सव हेतु 50 लाख रुपए स्वीकृत किया गया था, आने वाले समय में समारोह की और भव्यता के लिए सरकार चिंता करेगी। सरगुजा की संस्कृति, अस्मिता को दिखाने का माध्यम यह समारोह है। आने वाले समय में यहां की संस्कृति से देश दुनिया परिचित होंगे। बाहर से आने वाले एवं स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूलमंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है। उनके विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए हम लोग विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लिए हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से ज्यादा माताओं-बहनों के खाते में एक हजार हर महीने आता है, 15 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए उनके खाते में जा चुका है। तेंदूपत्ता की कीमत 4 हजार से साढे पाँच हजार मानक बोरा कर दिया गया है। 5 हजार से ज्यादा लोग रामलला दर्शन का लाभ ले चुके हैं। धरती आबा उत्कर्ष योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री ने किया है। हमारा जो बस्तर क्षेत्र है, उसे धरती का स्वर्ग कह सकते है। बस्तर पिछले 40 साल से ज्यादा समय तक आंतकवाद का दंस झेल रहा था। आप लोगों ने देखा है कि 2 साल में यशस्वी प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री के आशीर्वाद के कारण उनके दृढ़ ईच्छा शक्ति के कारण यह क्षेत्र नक्सवाद से मुक्त हो रहा है। मैं अपने प्रदेश के जवानों के साहस को नमन करता हूं। 75 प्रतिशत से ज्यादा नक्सलवाद का हिस्सा छत्तीसगढ़ में बचा था, सरकार नक्सलवाद को समाप्ति की ओर ले आई है। प्रधानमंत्री एवं माननीय गृह मंत्री का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करना है। इस बार पहली बार 43 गांव में गणतंत्र दिवस में राष्ट्रीय ध्वज फहराया है, हमारे छत्तीसगढ़ में नियद नेल्लानार के माध्यम से सुदूर 4 सौ से ज्यादा गांव विकास की ओर बढ़ रहा है। हम नई उद्योग नीति भी लाए हैं, इसकी सराहना पूरे देश-विदेश में हो रही है, नई उद्योग नीति को लांच हुए 1 वर्ष हुए हैं, 8 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश का प्रस्ताव है।

मुख्यमंत्री साय ने मैनपाट में पर्यटन के विकास हेतु 1 करोड़ रुपए की घोषणा की तथा सीतापुर में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड के निर्माण किए जाने की घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का तिब्बती बंधुओं द्वारा तिब्बती संस्कृति पर आधारित “ताशी शोपा“ नृत्य के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण किया गया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है। राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण और नई संभावनाओं के सृजन की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मैनपाट जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल पर पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। होम-स्टे, होटल व्यवसाय, स्थानीय हस्तशिल्प, परिवहन सेवाएं और खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्रियों का वितरण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्रियों का वितरण किया गया। उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के 3 हितग्राहियों को चेक, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के हितग्राहियों को आवास की चाबी प्रदान की। इसी प्रकार समाज कल्याण विभाग द्वारा 7 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्रायसिकल एवं 2 दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल, कृषि विभाग द्वारा शाकम्भरी योजनांतर्गत 16 हितग्राहियों को पम्प एवं 10 हितग्राहियों को चेप कटर वितरित किया गया।
जिले को 523 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मैनपाट महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले में विकास को नई गति देते हुए कुल 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रुपए के 109 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 429 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपए की लागत के 81 कार्यों का भूमिपूजन एवं 94 करोड़ 09 लाख 13 हजार रुपए की लागत के 28 कार्यों का लोकार्पण किया गया।
शिलान्यास (भूमिपूजन): मुख्यमंत्री साय ने 429 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपए की लागत के कार्यों का शिलान्यास किया। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 02 कार्य (7.68 करोड़), लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग के 04 कार्य (30.87 करोड़), नगर पालिक निगम के 02 कार्य (17.01 करोड़), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की 51 सड़कें (168.21 करोड़), लोक निर्माण विभाग की 15 सड़कें (184.18 करोड़), 03 भवन निर्माण (3.02 करोड़) और आदिवासी विभाग के 03 कार्य (6.11 करोड़) शामिल हैं।
लोकार्पण: मुख्यमंत्री साय ने 94 करोड़ 9 लाख 13 हजार की लागत के 28 कार्यों का लोकार्पण किया। जिसमें जल संसाधन संभाग के 10 कार्य (39.24 करोड़), नगर पालिक निगम का नवीन कार्यालय भवन (8 करोड़), पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 06 कार्य (2.76 करोड़), लोक निर्माण विभाग की 03 सड़कें (11.17 करोड़), 06 भवन निर्माण कार्य (28.50 करोड़) और आदिवासी विकास विभाग के 02 कार्य (4.41 करोड़) शामिल हैं।