सफलता की कहानी: प्रधानमंत्री आवास योजना से संवरा तारावती का संसार; अब पक्का घर बना खुशियों का आधार

सफलता की कहानी : कभी सोचा नहीं था कि खुद का भी एक पक्का घर होगा, जहां बारिश की बूंदें डराएंगी नहीं बल्कि सुकून देंगी। यह भावुक शब्द सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम पंचायत कपाटबहरी की रहने वाली तारावती के हैं, जोकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में उन लाखों लाभार्थियों में से एक हैं, जिनका ’अपना घर’ होने का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के जरिए साकार हुआ है।

कच्चे मकान की चुनौतियों से मिली मुक्ति
तारावती बताती हैं कि इससे पहले वह अपने पति अमरनाथ और बच्चों के साथ एक कच्चे मकान में रहती थीं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का मकान बनवाना उनके लिए एक दूर का सपना था। पति मजदूरी का काम करते हैं, तीन बच्चों की जिम्मेदारी।

योजना के लाभ और जनभागीदारी
शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास की स्वीकृति मिलने के बाद, तारावती और उनके पति ने न केवल सरकारी सहायता का लाभ उठाया, बल्कि खुद मजदूरी कर घर को और भी बेहतर स्वरूप दिया। आज उनके पास एक सुव्यवस्थित पक्का मकान है, जिसमें उनका परिवार सुरक्षित और खुशहाल है।

शासन-प्रशासन के प्रति जताया आभार
तारावती ने अपनी मुस्कान के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, “सरकार की इस मदद से आज हमारा जीवन बदल गया है।
पक्के घर ने हमें सम्मान और सुरक्षा के साथ जीने का नया हौसला दिया है। तारावती की यह कहानी उन सभी ग्रामीण परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर अपने जीवन स्तर को ऊँचा उठा रहे हैं।

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