रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने बिना पंजीयन के फ्लैट, प्लॉट, मकान या बंगलों की बिक्री को अवैध घोषित करते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। रेरा को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कई रियल एस्टेट कारोबारी और एजेंट सोशल मीडिया पर प्रॉपर्टी की बिक्री का प्रचार कर रहे हैं।
ऐसे लुभावने प्रचार में फंसकर प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों को बाद में कई प्रकार की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। रेरा ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीयन के किसी भी साइट पर निर्माण शुरू करना गंभीर अपराध है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से मंजूरी मिलने के बावजूद रेरा में पंजीकृत न होने वाले प्रोजेक्ट्स पर भी कार्रवाई की जा रही है।
रेरा की रजिस्ट्रार आस्था राजपूत ने बताया कि पिछले सात वर्षों में स्वतः संज्ञान लेकर 136 प्रोजेक्ट्स की जांच की गई। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर इन प्रोजेक्ट्स पर भारी जुर्माना लगाया गया और संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई।
अधिकारियों के अनुसार अब तक 106 ऐसे प्रोजेक्ट्स की पहचान की गई है जिन्होंने रेरा पंजीयन कराए बिना निर्माण या बिक्री शुरू कर दी। ऐसे बिल्डरों को ब्लैक लिस्ट करने के साथ ही उनका पंजीयन रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में रेरा ने इस महीने दो जमीन मालिकों गोवर्धन और रामानुज पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने ओम फार्म, लखोली रेलवे स्टेशन के नाम से बिना पंजीयन के प्लॉटिंग, विज्ञापन और बिक्री की जा रही थी।
रेरा कानून के तहत बिल्डर, जमीन दलाल, एजेंट और प्रॉपर्टी डीलर के लिए पंजीयन अनिवार्य है। पंजीयन न कराने पर तीन साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
रेरा ने आम लोगों से अपील की है कि वे कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले रेरा की आधिकारिक वेबसाइट पर जांच लें कि वह प्रोजेक्ट रेरा में पंजीकृत है या नहीं।