छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आबकारी नीति पर रोक लगाने से किया इनकार, प्लास्टिक बोतलों से स्वास्थ्य नुकसान पर शासन से मांगा जवाब

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की नई आबकारी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगाने के आवेदन को खारिज कर दिया है। जस्टिस नरेश चंद्रवंशी की एकल पीठ ने शासन की नीति में प्रथम दृष्टया किसी भी प्रकार की वैधानिक त्रुटि नहीं पाई है। हालांकि, याचिका में प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाया गया है, जिस पर अदालत ने राज्य शासन से दो सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।

यह मामला ऋषि इंटरप्राइजेस द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें शासन की नई आबकारी नीति और विशेष रूप से प्लास्टिक बॉटलिंग के प्रावधानों पर सवाल उठाए गए थे। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि प्लास्टिक की बोतलों में शराब की आपूर्ति करना आम जनता के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए इस नीति पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।

हाईकोर्ट ने वर्तमान में पॉलिसी पर स्टे देने से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है। अब शासन को यह स्पष्ट करना होगा कि प्लास्टिक बॉटलिंग के मानक स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से कितने उपयुक्त हैं। इस फैसले के बाद राज्य सरकार की नई आबकारी नीति के क्रियान्वयन का मार्ग फिलहाल प्रशस्त हो गया है।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *