रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित धर्मांतरण विरोधी विधेयक को लेकर राज्य सरकार ने बड़े संकेत दिए हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि इस विधेयक को आगामी बजट सत्र में प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि 24 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश किया जाएगा, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। धर्मांतरण संबंधी कानून पर भी निरंतर चर्चा जारी है और पूरी संभावना है कि इसे इसी सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखा जाए। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस विषय की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर रही है।
इंडिया एआई समिट में प्रदर्शन पर जताई कड़ी आपत्ति
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन पर उपमुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस शर्टलेस प्रदर्शन को शर्मनाक करार देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का व्यवहार देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है। विजय शर्मा ने कहा कि जिस कार्यक्रम में कई देशों के प्रतिनिधि और मेहमान मौजूद हों, वहां हर विषय को राजनीति का माध्यम बनाना अनुचित है। उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि यदि किसी प्रक्रिया में त्रुटि थी तो उसके लिए उचित मंच पर विरोध दर्ज किया जाना चाहिए था, न कि विदेशी मेहमानों के सामने इस तरह का व्यवहार करना चाहिए था।
मतदाता सूची के शुद्धिकरण को बताया जरूरी
मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए सूचियों का समय-समय पर दुरुस्त होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में सुधार के दौरान उन नामों को हटाया गया है जो अब संबंधित क्षेत्रों में निवास नहीं कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि सूची में किसी घुसपैठिये का नाम दर्ज है तो उसे हटाया जाना अनिवार्य है। सरकार का मुख्य उद्देश्य एक शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत बनी रहे।