छत्तीसगढ़ बजट: भूपेश बघेल का तीखा प्रहार, ‘संकल्प’ को बताया ‘अज्ञान और शब्दों का मायाजाल’

रायपुर | वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा विधानसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के 'संकल्प' बजट पर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने इस बजट को छत्तीसगढ़ की दुर्गति का रास्ता बताते हुए सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि 1.72 लाख करोड़ का यह भारी-भरकम बजट केवल आंकड़ों की बाजीगरी है, जिसमें जनता के मूल मुद्दों से किनारा कर लिया गया है।

‘दो घंटे केवल शब्दों का जाल बुना गया’

सदन की कार्यवाही के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि वित्त मंत्री ने दो घंटे के लंबे भाषण में केवल शब्दों का भ्रम पैदा किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “मैंने भी पांच साल तक बजट पेश किया है, लेकिन इस बार मान्य परंपराओं को ताक पर रखकर छोटे-मोटे चौक-चौराहों और सड़कों के नाम गिनाए गए। यह बजट विकास का नहीं, बल्कि अज्ञानता और विनाश का प्रतीक है।”

किसानों और युवाओं के साथ ‘धोखा’

बघेल ने धान खरीदी के आंकड़ों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य में किसानों का रकबा और पैदावार बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद खरीदी कम हुई है। उन्होंने इसे किसानों के साथ बड़ी वादाखिलाफी बताया। बघेल ने आगे कहा:

  • युवा और महिलाएं: बजट में प्रदेश के युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।
  • रेलवे कॉरिडोर: नए रेलवे ट्रैक केवल प्रदेश के खनिज संपदा की लूट के लिए बिछाए जा रहे हैं। इनमें आम जनता के लिए स्टॉपेज नहीं होंगे, जिससे स्थानीय लोगों को कोई लाभ नहीं मिलेगा।
  • पीएम आवास: 1.20 लाख रुपये में आज के दौर में मकान बनाना असंभव है। इस अधूरी राशि की वजह से गरीब जनता साहूकारों के कर्ज में डूबती जा रही है।

‘मोदी की गारंटी’ का जिक्र तक नहीं

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार का यह तीसरा बजट है, लेकिन इसमें ‘मोदी की गारंटी’ का कोई स्पष्ट रोडमैप नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल पुरानी घोषणाओं को ही बार-बार दोहरा रही है। सदन में मंत्रियों के पास बोलने के लिए कुछ नया नहीं था, जिससे साफ है कि सरकार के पास भविष्य का कोई दृष्टिकोण (Vision) नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *