छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026–27 का बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास तथा आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी बजट माना जा रहा है। इस बजट में प्रदेश के सभी वर्गों—किसान, युवा, महिला, श्रमिक एवं ग्रामीण क्षेत्रों—के कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।
सरकार ने सड़कों, पुल-पुलियों, शिक्षा संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार सृजन के क्षेत्र में व्यापक निवेश की घोषणा की है, जिससे प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। विशेष रूप से ग्रामीण अधोसंरचना, सिंचाई सुविधाओं, कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाओं के विस्तार से युवाओं और किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
ज्ञान से संकल्प तक
सरकार का ‘संकल्प’ – समावेशी और परिणाम आधारित विकास पर जोर
राज्य सरकार ने बजट में “ज्ञान-गति के बाद संकल्प (SANKALP)” की भावना को आगे बढ़ाते हुए विकास के सात प्रमुख स्तंभों पर कार्य करने का लक्ष्य रखा है। इसमें समावेशी विकास, अधोसंरचना का विस्तार, निवेश को प्रोत्साहन, कुशल मानव संसाधन का निर्माण, अंत्योदय के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना, आजीविका के नए अवसर सृजित करना, तथा नीति से परिणाम तक प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है। सरकार का उद्देश्य इन बिंदुओं के माध्यम से प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले एवं भरतपुर-सोनहत क्षेत्र के विकास के लिए भी विभिन्न योजनाओं और अधोसंरचना कार्यों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मिलेगा लाभ – रेणुका सिंह
भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र की विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह ने इस जनहितैषी बजट के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, प्रदेश सरकार तथा देश के प्रधानमंत्री का हृदय से आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के विकास को नई गति देगा और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने में सहायक सिद्ध होगा।
विधायक रेणुका सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इस बजट से प्रदेश सहित भरतपुर-सोनहत क्षेत्र में विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी और आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा