छत्तीसगढ़ विधानसभा: वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए 11,470 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 11,470 करोड़ 62 लाख रुपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी गईं। इसमें वित्त, आवास एवं पर्यावरण, योजना एवं सांख्यिकी तथा वाणिज्यिक कर विभाग शामिल हैं। सदन में चर्चा का उत्तर देते हुए मंत्री ने राज्य में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं पर केंद्रित अपनी सरकार की नीतियों का विवरण दिया।

आवास और पर्यावरण में सुधार

मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार कर अब ‘मांग आधारित’ निर्माण प्रणाली लागू की गई है। विगत दो वर्षों में प्रदेश के 27 जिलों में 3,069 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘सीजी निगरानी’ पोर्टल और ‘आईडब्ल्यूएमएमएस’ (IWMMMS) जैसे तकनीकी सिस्टम लागू किए गए हैं, जिससे उद्योगों द्वारा होने वाले प्रदूषण की रियल-टाइम निगरानी संभव हो पाई है।

जीएसटी 2.0 और आम जनता को राहत

वाणिज्यिक कर विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी राजस्व संग्रह में 18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। आम जनता को राहत देने के लिए जीएसटी 2.0 के तहत कई वस्तुओं पर टैक्स दरें कम की गई हैं। पेट्रोल पर 1 रुपये प्रति लीटर की कमी और ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने जैसे निर्णयों से व्यापार सुगम हुआ है। इसके अलावा, सीमेंट, मोटरसाइकिल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों पर जीएसटी दरों में कटौती से मध्यमवर्गीय परिवारों को सालाना 25 से 40 हजार रुपये तक की बचत हो रही है।

पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता

रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 10 स्मार्ट रजिस्ट्री ऑफिस स्थापित किए जा रहे हैं। पारिवारिक दान पत्र और बंटवारा नामे पर पंजीयन शुल्क घटाकर मात्र 500 रुपये कर दिया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में कार्यालयों की संख्या में वृद्धि की गई है ताकि आम नागरिकों को बिचौलियों से मुक्ति मिल सके।

वित्तीय स्थिरता पर जोर

राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास हेतु ‘छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड’ का गठन किया गया है। साथ ही, भविष्य के पेंशन दायित्वों को पूरा करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ पेंशन निधि’ की स्थापना की गई है, जिसमें 1,121 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। मंत्री ने दोहराया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन और वित्तीय अनुशासन के माध्यम से छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *