नई दिल्ली। चेक बाउंस के एक पुराने मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को राहत देते हुए उनकी अंतरिम जमानत एक अप्रैल 2026 तक के लिए बढ़ा दी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने राजपाल यादव की सजा के निलंबन का अंतरिम आदेश बरकरार रखा। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अभिनेता के फरार होने का कोई अंदेशा नहीं है, इसलिए उन्हें फिलहाल राहत दी जा रही है।
बता दें कि राजपाल यादव को इस मामले में बीते पांच फरवरी को कोर्ट के आदेश के बाद आत्मसमर्पण करना पड़ा था। जेल में 13 दिन बिताने के बाद उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी, जिसकी अवधि बुधवार को समाप्त हो रही थी। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने नियमित जमानत के लिए याचिका दाखिल की और कोर्ट को सूचित किया कि शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को अब तक 4.25 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही 25 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट बुधवार को अदालत में पेश किया गया।
राजपाल यादव की ओर से पक्ष रखते हुए कहा गया कि वे शिकायतकर्ता के साथ हुए एग्रीमेंट के विरोध में अपनी दलीलें पेश करना चाहते हैं। अभिनेता ने दावा किया कि फिल्म अता पता लापता के निर्माण में 22 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जिसमें से पांच करोड़ रुपये के विवाद के कारण उनके बाकी निवेश को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वे पहले ही दो करोड़ रुपये दे चुके हैं और आठ करोड़ रुपये न दे पाने के एवज में पूर्व में जेल की सजा भी काट चुके हैं।
अदालत ने अभिनेता को सलाह दी कि वे कानूनी प्रक्रिया के दौरान ऐसी कोई बात न कहें जो भविष्य में उनके खिलाफ जाए। कोर्ट ने पर्याप्त धनराशि जमा किए जाने के आधार पर उन्हें दोबारा जेल न भेजने का निर्णय लिया और मामले की अगली सुनवाई के लिए एक अप्रैल की तारीख तय की है।
