CG Vidhansabha Budget Session 2026: विधायकों के वेतन-भत्तों के लिए 122 करोड़, वन विभाग को 2867 करोड़, वन्यजीव संरक्षण पर 320 करोड़, 80 मार्गों पर बस सेवा से 560 गांवों को राहत…

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन और संसदीय कार्य विभागों की कुल 3,622 करोड़ 86 लाख 35 हजार रुपये की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इनमें सबसे अधिक 2,867 करोड़ 30 लाख रुपये का प्रावधान वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के लिए किया गया है।

इसके अलावा सहकारिता विभाग के लिए 389 करोड़ 40 लाख 85 हजार रुपये, परिवहन विभाग के लिए 243 करोड़ 50 लाख 50 हजार रुपये और राज्य विधानमंडल के लिए 122 करोड़ 65 लाख रुपये मंजूर किए गए।

वन, जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन और संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने सदन में अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और वनवासियों की आजीविका मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है।

3.5 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य
मंत्री कश्यप ने बताया कि आगामी वर्षा ऋतु में प्रदेशभर में करीब 3.50 करोड़ पौधों का रोपण और वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही बिगड़े बांस वनों के पुनरोद्धार के लिए 80 करोड़ रुपये और क्षतिग्रस्त वनों के सुधार के लिए 310 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ की परिकल्पना की है, जिसका उद्देश्य राज्य को पूर्ण विकसित और समृद्ध बनाना है।

वन्यजीव संरक्षण के लिए 320 करोड़
सरकार ने वन्यजीव संरक्षण और उनके आवास के विकास के लिए 320.58 करोड़ रुपये का बजट रखा है। वहीं प्रोजेक्ट टाइगर के तहत बाघ संरक्षण के लिए 23.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

वनांचल में पुल-पुलिया और सड़क निर्माण
दूरस्थ वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सालभर आवागमन की सुविधा देने के लिए वन मार्गों पर रपटा और पुल-पुलिया निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं सड़क और मकान निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।

वन विभाग को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार
मंत्री ने बताया कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को ई-कुबेर योजना के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मिला है। इसके अलावा कांगेर वैली नेशनल पार्क को यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल के रूप में चिन्हित करने के लिए चयनित किया गया है। वन विभाग में मानव संसाधन बढ़ाने के लिए 1,484 वनरक्षक और 50 सहायक ग्रेड-3 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए योजनाएं
सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में चरणपादुका वितरण योजना को फिर से शुरू किया है। इसके लिए 2026-27 में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए 50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। राज्य का लगभग 44.25 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है और भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार वन क्षेत्र के मामले में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर है।

कोपरा जलाशय बना छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल
बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर सचिवालय ने छत्तीसगढ़ का पहला और भारत का 96वां रामसर स्थल घोषित किया है। इसके अलावा बेमेतरा जिले के गिधवा-परसदा वेटलैंड कॉम्प्लेक्स को भी रामसर स्थल घोषित कराने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।

80 मार्गों पर बसें, 560 गांव जुड़े
ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का विस्तार किया है। वर्तमान में 80 मार्गों पर 81 बसें संचालित हो रही हैं, जिससे लगभग 560 गांवों को पहली बार परिवहन सुविधा मिली है। बस संचालकों को योजना के तहत तीन साल तक मासिक कर में पूरी छूट और प्रति किलोमीटर अधिकतम 26 रुपये तक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

सड़क सुरक्षा और ई-लाइसेंस सिस्टम
सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एएनपीआर और रडार कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए 8 नए जिलों में ई-ट्रैक केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा प्रोत्साहन
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 2026-27 में 100 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया है। राज्य में अभी 347 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन संचालित हैं और पेट्रोल पंपों सहित अन्य स्थानों पर नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।

किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण
सहकारिता विभाग के तहत पैक्स समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन कृषि ऋण दिया जा रहा है। इसके लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 15.55 लाख किसानों को 7,822 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है।

विधायकों के वेतन-भत्तों के लिए 122 करोड़
संसदीय कार्य विभाग के तहत विधानसभा सदस्यों और पूर्व सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन के लिए 122 करोड़ 65 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। अनुदान मांगों पर चर्चा में विक्रम मंडावी, अजय चंद्राकर, प्रबोध मिंज, चैतराम अटामी, धर्मजीत सिंह, संगीता सिन्हा और सावित्री मंडावी सहित कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाए।

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