बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के पलारी ब्लॉक में नए स्कूल भवन की मांग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा उफान पर था। ग्राम तमोरी में आक्रोशित ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं ने निरीक्षण के लिए आए जिला पंचायत और जनपद के 6 अधिकारियों और कर्मचारियों को बंधक बना लिया। आश्चर्य की बात यह है कि अधिकारियों को उसी जर्जर भवन में कैद किया गया, जिसे प्रशासन पहले ही ‘खतरनाक’ घोषित कर चुका था।

अधिकारियों की स्थिति
बंधक बनाए गए अधिकारियों में जनपद पंचायत के अधिकारी एमके कुजुर, सहायक अभियंता गुलशन कुमार गायकवाड़, दो शिक्षक और एक रोजगार सहायक शामिल थे। दल को जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रवि बंजारे के नेतृत्व में घेरकर स्कूल के अंदर रखा गया और बाहर से ताला जड़ा गया। अधिकारी लगभग दो घंटे तक इस भवन में कैद रहे।
क्या बनी यह स्थिति?
जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे ने पहले ही चेतावनी दी थी कि स्कूल भवन बेहद कमजोर और खतरनाक है और कभी भी गिर सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन भवन तोड़ने का आदेश दे देता है, लेकिन नए भवन के निर्माण की समयसीमा स्पष्ट नहीं बताता, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
कांग्रेस नेता रवि बंजारे ने कहा:
“हम कई बार विभागों के चक्कर लगा चुके हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं होता। जब शांतिपूर्ण तरीके से समाधान नहीं मिला, तो अधिकारियों को बंधक बनाना हमारी मजबूरी बन गई।”
आश्वासन के बाद खुला ताला
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। अंततः जिला शिक्षा अधिकारी ने नए वित्तीय वर्ष (अप्रैल) में नया भवन बनाने का लिखित और स्पष्ट आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों को मुक्त किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अप्रैल में निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।