रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने चोरों के एक बड़े गैंग का खुलासा किया है, जो पिछले 10 महीने में 50 से अधिक मकानों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका था। इस गैंग ने 1 करोड़ 20 लाख रुपये से अधिक की चोरी की थी, जिसमें कीमती जेवरात और नकदी शामिल थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के 11 सदस्य, जिसमें चोरों के साथ-साथ ज्वेलर्स और बिचौलियों को भी गिरफ्तार किया है।
Raipur City Crime : रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि मार्च से अब तक यह गैंग लगातार राजधानी के आउटर इलाकों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। इस गैंग के सदस्य सृजन शर्मा उर्फ स्वराज, उमेश उपाध्याय और सफीक मोहम्मद रायपुर के विभिन्न इलाकों में किराए के मकानों में रहकर चोरियां करते थे। इनके संपर्क में तीन ज्वेलर्स बिलासपुर के राजेश कुमार सोनी, उरला के भूषण कुमार देवांगन और मुंगेली के जय कुमार सोनी थे, जो चोरी किए गए जेवरों को औने-पौने में खरीदकर उनकी पहचान मिटाने का काम करते थे।
Raipur City Crime : गैंग के अन्य सहयोगियों में हर्ष कुमार बंजारे उर्फ गोविंदा, मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी, मेवालाल कश्यप, हेमंत कश्यप और कमलजीत कश्यप उर्फ जीतू थे, जो चोरी किए गए माल को खपाने में मदद करते थे। पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार कर लिया है। सृजन शर्मा का पहले से बिलासपुर में चोरी के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में यह सामने आया कि यह गैंग चोरी किए गए जेवरों को दलालों के माध्यम से बेचता था, जिससे उन्हें तुरंत नकद भुगतान मिल जाता था।
Raipur City Crime : इन ज्वेलर्स ने जेवरों को खरीदने के बाद उन्हें गलाकर उनकी पहचान मिटा दी थी, ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंचे। पुलिस ने अब तक गैंग से 35 लाख रुपये के जेवर बरामद किए हैं और बाकी रकम का भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है। यह खुलासा रायपुर पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिससे राजधानी में चोरी की घटनाओं में बड़ी कमी आ सकती है।