दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिनगर गांव में दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद अब बड़े जातीय संघर्ष में बदल गया है। इस मामले में दलित समाज के एक व्यक्ति ने गांव के 70 नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी सभी लोग ब्राह्मण समाज से हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी जगन्नाथ रेड्डी ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है। उन्होंने पुष्टि की कि 70 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है और घायलों का इलाज दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस प्रशासन गांव में शांति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।
घटना की पृष्ठभूमि में पैसों के लेन-देन का विवाद बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कैलाश पासवान ने ग्रामीण हेमकांत झा के मकान निर्माण का कार्य किया था, जिसकी करीब 2 लाख 47 हजार रुपये की मजदूरी बकाया थी। 30 जनवरी को जब हेमकांत झा के रिश्तेदार वहां से गुजर रहे थे, तब कैलाश पासवान ने अपनी बकाया राशि की मांग की। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
विवाद को सुलझाने के लिए गांव में पंचायत भी बुलाई गई थी, लेकिन वहां भी बात बनने के बजाय बिगड़ गई और दोनों समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। कैलाश पासवान का आरोप है कि गांव के ब्राह्मण समाज के लोगों ने उनके साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC-ST एक्ट) के तहत मामला दर्ज कराया। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है ताकि हिंसा के वास्तविक कारणों और दोषियों की पहचान की जा सके।