बिलासपुर । न्यू ईयर सेलिब्रेशन के नाम पर भोज और प्रार्थना सभा आयोजित कर धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है। हिंदूवादी संगठन के लोगों ने इस संबंध में एक वीडियो भी बनाया है, जिसमें एक पास्टर प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों को वर्ष 2026 में बपतिस्मा लेने की शपथ दिलाते हुए दिखाई दे रहा है।
मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपी पास्टर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हिंदू संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रार्थना सभा की आड़ में महिलाओं और पुरुषों को स्वास्थ्य सुविधाएं, भोजन और अन्य लाभ का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार ग्राम जोंधरा निवासी सुखनंदन लहरे ईसाई धर्म को मानता है। आरोप है कि वह पास्टर बनकर गांव के भोले-भाले लोगों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का प्रयास कर रहा था। न्यू ईयर के अवसर पर उसने अपने घर में भोज और प्रार्थना सभा का आयोजन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवक-युवतियों को आमंत्रित किया गया था।
गांव में प्रार्थना सभा की जानकारी मिलने पर कुछ स्थानीय युवक भी मौके पर पहुंचे। भोज से पहले आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान उन्होंने खिड़की की आड़ से एक वीडियो बनाया, जिसमें सुखनंदन लहरे लोगों को प्रभु यीशु को मानने और वर्ष 2026 में बपतिस्मा लेने की शपथ दिलाते हुए नजर आ रहा है।
इस वीडियो के आधार पर स्थानीय युवकों और हिंदूवादी संगठन के लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने बिना अनुमति प्रार्थना सभा आयोजित करने और धर्मांतरण कराने के आरोप में सुखनंदन लहरे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।