रायपुर। 2018 से नौकरी का इंतजार कर रहे CAF वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों का सब्र अब जवाब दे चुका है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिछले दो महीनों से तूता धरना स्थल पर बैठे अभ्यर्थी गुरुवार को अपने परिवार और छोटे बच्चों के साथ मंत्रालय जाने निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि कांग्रेस और भाजपा—दोनों की सरकारें आ चुकी हैं, लेकिन आठ साल बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिली। इसी पीड़ा को लेकर वे गृह मंत्री विजय शर्मा से मिलने जा रहे थे।
पुलिस कार्रवाई के दौरान महिलाओं के कपड़े फटने और बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोप लगे हैं। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। इसके बाद सभी अभ्यर्थियों को बसों में भरकर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया।
घटना के विरोध में जिला कांग्रेस ने जेल का कूच किया। कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने, रिक्त पदों पर भर्ती न करने और निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
मानवाधिकार कार्यकर्ता पूनम पांडे ने कहा कि प्रदेश में अपराध, नशाखोरी, हत्या और बलात्कार जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस का ध्यान अपराध नियंत्रण की बजाय बेरोजगार युवाओं पर कार्रवाई करने में लगा हुआ है।