संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के पुतले को जलाने और उनकी तस्वीरों से जुड़ी कथित तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर ग्वालियर में सियासी माहौल गर्म हो गया है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने इन घटनाओं के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में BSP कार्यकर्ता मौजूद रहे, वहीं किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
दो अलग-अलग घटनाओं का आरोप
BSP नेताओं ने बताया कि 26 दिसंबर को ग्वालियर के आकाशवाणी चौराहे पर डॉ. आंबेडकर का पुतला जलाने का प्रयास किया गया था। इसके बाद 1 जनवरी को ग्वालियर व्यापार मेले में लगी बाबा साहब की प्रदर्शनी में तोड़फोड़ किए जाने का आरोप भी सामने आया।
पार्टी का कहना है कि इन घटनाओं से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला है, इसलिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
राज्यपाल के नाम सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों की ओर से कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें कथित आरोपियों के नाम भी प्रशासन को उपलब्ध कराए गए हैं। BSP ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर NSA जैसी कठोर कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
ज्ञापन लेने पहुंचे अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) सी.बी. प्रसाद ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अराजकता या भावनाएं भड़काने वाले कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।