बलौदाबाजार: धान खरीदी में धोखाधड़ी करने वाले समिति प्रबंधक का भाई गिरफ्तार, बिना धान लाए ही डकार ली थी सरकारी राशि

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के नाम पर शासन को चूना लगाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पलारी थाना पुलिस ने फर्जी तरीके से धान की बिक्री दिखाकर राशि हड़पने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी के भाई को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में समिति प्रबंधक को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।

क्या था पूरा मामला?

यह पूरा घटनाक्रम जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की कोदवा शाखा के अंतर्गत आने वाले धान खरीदी केंद्र खरतोरा का है। बैंक के शाखा प्रबंधक संजय कुमार वर्मा ने 23 जनवरी 2026 को पलारी थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रशासनिक अधिकारियों की जांच में सामने आया कि तत्कालीन प्रभारी समिति प्रबंधक ने अपने सगे बड़े भाई संतोष कुमार गेंडरे के साथ मिलकर एक बड़ी साजिश रची थी।

बिना धान लाए काट दिया टोकन

जांच रिपोर्ट के अनुसार, 21 जनवरी 2026 को संतोष कुमार के नाम पर एक टोकन जारी किया गया था। हैरानी की बात यह है कि केंद्र में एक कट्टा धान लाए बिना ही 21.20 क्विंटल सरना धान की फर्जी तौल दिखा दी गई। आरोपियों ने मिलीभगत कर ऑनलाइन पोर्टल पर तौल पत्रक जारी किया और 50 हजार 200 रुपये का भुगतान भी प्राप्त कर लिया। इस फर्जीवाड़े से शासन को सीधे तौर पर आर्थिक क्षति पहुंची।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

बलौदाबाजार एसपी भावना गुप्ता के निर्देश पर पलारी पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया था। मामले का मुख्य आरोपी समिति प्रबंधक पहले ही पकड़ा जा चुका था, लेकिन उसका भाई संतोष कुमार गेंडरे (56 वर्ष) लगातार फरार चल रहा था। पुलिस की टीम उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को रायपुर के तेलीबांधा इलाके से हिरासत में लिया। आरोपी मूल रूप से पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम खैरा का निवासी है।

दरअसल, धान खरीदी के सीजन में इस तरह के फर्जीवाड़ों को रोकने के लिए प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घोटाले में विभाग के कुछ अन्य लोग भी शामिल थे।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *