इस्लामाबाद। वैश्विक स्तर पर जारी तनाव के बीच अब दक्षिण एशिया में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक नया सैन्य मोर्चा खुल गया है। दोनों देशों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में शुरू हुए हवाई हमलों ने सीमा पर गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। तालिबान और पाकिस्तानी सेना के बीच बढ़े इस तनाव के कारण इस्लामाबाद, पेशावर और काबुल जैसे बड़े शहरों में हाहाकार मचा हुआ है।
पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के काबुल, कंधार, पकटिया और पकटिका प्रांतों में हवाई हमले किए हैं। पाकिस्तानी सैन्य सूत्रों का दावा है कि ये हमले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों को नष्ट करने के लिए किए गए थे। इस दौरान कंधार स्थित तालिबान के अल-बद्र कोर के मुख्यालय को भी निशाना बनाया गया।
जवाबी कार्रवाई में तालिबान ने पाकिस्तान के भीतर जोरदार ड्रोन हमले किए। रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगानिस्तान की सुरक्षा बलों ने इस्लामाबाद एयरपोर्ट और पेशावर के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। तालिबान ने दावा किया है कि इस जवाबी हमले में पाकिस्तान के कोहाट सेंट्रल कमांड और ब्रिगेड कैंप को काफी नुकसान पहुंचा है। इन हमलों के बाद इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही को एहतियातन रोकना पड़ा।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि तालिबान की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के दर्जनों सैनिक मारे गए हैं और उनकी एक दर्जन से अधिक सैन्य चौकियां पूरी तरह तबाह हो गई हैं। वहीं, दूसरी ओर अफगानिस्तान की स्थानीय जनता ने पाकिस्तान पर टीटीपी की आड़ में आम नागरिकों और बेगुनाह बच्चों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। हमलों के कारण कई अफगान परिवारों के घर मलबे में तब्दील हो गए हैं और बड़ी संख्या में नागरिक घायल हुए हैं।
फिलहाल, दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और सीमावर्ती इलाकों में सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। सीमा पार से हो रहे इन हमलों ने क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति को बेहद चिंताजनक बना दिया है।