अम्बिकापुर: अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सरगुजा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। आईपीएल और अन्य क्रिकेट मैचों में करोड़ों का सट्टा लगवाने वाला मुख्य मास्टरमाइंड आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था, जिसे पुलिस टीम ने महाराष्ट्र के पुणे से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के नेतृत्व में गठित टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी दीप सिन्हा एक सुनियोजित गिरोह चला रहा था। वह अपने साथियों के माध्यम से लोगों को झांसा देकर उनके आधार कार्ड, एटीएम, चेक बुक और मोबाइल नंबर हासिल करता था। इसके बाद लगभग 300 फर्जी बैंक खाते खुलवाकर सट्टे की रकम का लेन-देन किया जाता था। जांच में इन खातों में करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन की पुष्टि हुई है।
ऐसे खुला था मामला इस मामले की शुरुआत पिछले साल मई में हुई थी, जब कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि सत्तीपारा इलाके में कुछ युवक स्काई एक्सचेंज लिंक के जरिए आईपीएल मैचों पर सट्टा लगवा रहे हैं। तब पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से बड़ी संख्या में मोबाइल, एटीएम कार्ड और पासबुक बरामद किए थे। पूछताछ में पता चला कि इस पूरे रैकेट का असली दिमाग दीप सिन्हा है, जो कमीशन का लालच देकर यह अवैध धंधा चला रहा था।
फर्जीवाड़े की धाराएं जुड़ीं शुरुआत में यह मामला जुआ अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी और फर्जी बैंक खातों का सच सामने आया, पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी (467, 468, 471), साजिश (120बी) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ दीं। दीप सिन्हा की गिरफ्तारी से पहले इस गिरोह के कई अन्य सदस्य जैसे ऋतिक मंदिलवार, नितिन यादव और मुकेश त्रिपाठी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
पुणे में दी दबिश दीप सिन्हा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उद्घोषणा भी जारी की थी, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे पुणे में ट्रैक किया और वहां से अंबिकापुर लाया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी अजीत मिश्रा, भोजराज पासवान, विकास सिन्हा और मनीष सिंह की अहम भूमिका रही।
हिंगोरा सिंह