बिलासपुर। जिले में नशीले पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस ने विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की नई टीम का गठन किया है। एसएसपी रजनेश सिंह के आदेश पर बनी यह टीम सीएसपी निमितेश सिंह की निगरानी में कार्य करेगी। टीम की कमान निरीक्षक अनिल अग्रवाल को सौंपी गई है, जिसमें एक उपनिरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल और सात आरक्षकों को शामिल किया गया है।
गठित टीम को जिले में गांजा और नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले बड़े गिरोहों की सूचनाएं जुटाने और उनके खिलाफ एंड टू एंड कार्रवाई करने की विशेष जिम्मेदारी दी गई है। यह टीम न केवल तस्करों को पकड़ेगी, बल्कि नशा माफियाओं की आय और अवैध संपत्ति का विवरण भी स्वयं एकत्र करेगी। इस कार्य के लिए टीम को नारकोटिक्स एक्ट के तहत आवश्यक अधिकार दिए गए हैं, ताकि वे स्थानीय स्तर पर नशीली खेप खपाने वालों के साथ-साथ उनके बड़े नेटवर्क तक पहुंच सकें।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर पुलिस एनडीपीएस के मामलों में संपत्ति कुर्क करने के मामले में प्रदेश में पहले स्थान पर है। अब तक 19 से अधिक आरोपियों की आठ करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इससे पहले भी जिले में नशीली दवाओं के मुख्य सरगनाओं और तस्करी में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई है। नई टास्क फोर्स के गठन से नशे के खिलाफ चल रहे इस अभियान में और तेजी आने की संभावना है।
टास्क फोर्स में निरीक्षक अनिल अग्रवाल के साथ उपनिरीक्षक कमलेश बंजारे, हेड कांस्टेबल देवमुन सिंह पुहूप और आरक्षक आतिश पारिक, अविनाश कश्यप, अभिजीत डाहिरे, प्रेमलाल सूर्यवंशी, रविशंकर यादव व निखिल राव जाधव को जिम्मेदारी सौंपी गई है।