नई दिल्ली। देश के परिवहन क्षेत्र में आज एक नई क्रांति का आगाज हो गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के विज्ञान भवन में देश की पहली ड्राइवर-सेंट्रिक को-ऑपरेटिव टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन पर आधारित यह सेवा सीधे तौर पर ओला और उबर जैसी निजी कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देगी।
ड्राइवर्स (सारथी) के लिए सुरक्षा का ‘कवच’ भारत टैक्सी का मॉडल पूरी तरह से ड्राइवरों के कल्याण पर केंद्रित है। इस प्लेटफॉर्म से अब तक 4 लाख से ज्यादा ड्राइवर्स जुड़ चुके हैं। सरकार ने इनके लिए खास सुविधाएं सुनिश्चित की हैं:
10 लाख का इंश्योरेंस: प्रत्येक ड्राइवर को ₹5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और ₹5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा।
रिटायरमेंट सेविंग्स: भविष्य को सुरक्षित करने के लिए रिटायरमेंट सेविंग्स प्लान और डेडिकेटेड ड्राइवर असिस्ट सिस्टम की सुविधा।
काम की आजादी: ड्राइवर्स को अन्य ऐप्स पर भी काम करने की पूरी स्वतंत्रता रहेगी।
सपोर्ट सेंटर: दिल्ली में 7 प्रमुख स्थानों पर हेल्प सेंटर बनाए गए हैं जो इमरजेंसी में सहायता प्रदान करेंगे।
यात्रियों की जेब को बड़ी राहत: नो सर्ज प्राइसिंग आम जनता के लिए भारत टैक्सी किसी वरदान से कम नहीं है। इसकी सबसे बड़ी खासियतें निम्नलिखित हैं:
किफायती किराया: बाजार की तुलना में किराया 30% तक सस्ता होगा।
नो सर्ज प्राइसिंग: बारिश, ट्रैफिक या पीक आवर्स के दौरान ग्राहकों से कोई अतिरिक्त पैसा (Surcharge) नहीं वसूला जाएगा।
पारदर्शिता: किराया पहले से तय और पूरी तरह पारदर्शी होगा। यात्रियों के पास बाइक, ऑटो और कार के विकल्प मौजूद रहेंगे।
सफल रहा पायलट प्रोजेक्ट बता दें कि भारत टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट नवंबर 2025 से दिल्ली-एनसीआर में सफलतापूर्वक चल रहा था। इस मॉडल की सफलता के बाद अब इसे पूरे देश में विस्तार देने की तैयारी है। सहकारिता मंत्रालय का दावा है कि यह प्लेटफॉर्म न केवल ड्राइवरों को ‘मालिक’ का दर्जा देगा, बल्कि ग्राहकों को भी निजी कंपनियों की मनमानी से छुटकारा दिलाएगा।