रायपुर। जिले की अभनपुर तहसील के ग्राम टेकारी में एक मृत महिला की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर जमीन की रजिस्ट्री कराने का बड़ा मामला सामने आया है। इस प्रकरण में राजस्व विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस शारदा वर्मा की मृत्यु वर्ष 2021 में हो चुकी थी, उन्हें 2025 में जीवित बताकर जमीन की रजिस्ट्री अन्नू तारक नामक व्यक्ति के नाम कर दी गई।
अभिलेखों के अनुसार, टेकारी स्थित लगभग एक एकड़ जमीन शारदा वर्मा के नाम पर थी। उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे गुलाब वर्मा ने वसीयत के आधार पर जमीन अपने नाम कराने का आवेदन दिया था, जिसे तत्कालीन तहसीलदार ने यह कहकर खारिज कर दिया था कि वसीयत प्राप्तकर्ता की स्थिति स्पष्ट नहीं है। बाद में गुलाब वर्मा की भी मृत्यु हो गई। इसके बावजूद वर्तमान तहसीलदार सृजन सोनकर ने नियम विरुद्ध तरीके से आवेदन स्वीकार कर जमीन वारिसों के नाम चढ़ाने का आदेश जारी कर दिया।
राजस्व रिकॉर्ड में भारी विसंगतियां पाई गई हैं। ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार यह जमीन वर्तमान में कौशल और कपिल तरवानी के नाम पर दर्ज है, जबकि मैनुअल रिकॉर्ड में अभी भी पुराने मालिकों के नाम ही दिखाई दे रहे हैं। पटवारी की रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट उल्लेख था कि ऑनलाइन और ऑफलाइन रिकॉर्ड में जमीन अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर है। इसके बावजूद अधिकारियों ने तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए आदेश पारित कर दिए।
इस पूरे घटनाक्रम में जालसाजी का स्तर इतना बड़ा है कि मृत शारदा वर्मा के नाम पर 24 जून 2025 को रजिस्ट्री की गई और महज दो सप्ताह के भीतर 3 जुलाई 2025 को इसे आगे बेच भी दिया गया। नियमानुसार यदि वसीयतकर्ता से पहले वसीयत पाने वाले की मृत्यु हो जाए, तो वसीयत प्रभावी नहीं होती। राजस्व विभाग में इस मामले के उजागर होने के बाद अब हड़कंप मचा हुआ है और उच्च अधिकारियों द्वारा जांच की बात कही जा रही है।