नई दिल्ली। रंगों के त्योहार होली से ठीक पहले देश की तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने आम जनता और व्यापारियों को महंगाई का एक और बड़ा झटका दिया है। मार्च महीने की पहली तारीख को जारी हुई नई दरों के अनुसार, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तो कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम लगातार तीसरे महीने बढ़ा दिए गए हैं। साल 2026 की शुरुआत से ही कमर्शियल गैस की कीमतों में जो तेजी शुरू हुई थी, वह थमने का नाम नहीं ले रही है।
तीन महीनों में ₹180 से ज्यादा की बढ़ोतरी
पिछले तीन महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कुल ₹180 से ज्यादा का इजाफा हो चुका है। आईओसीएल (IOCL) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के प्रमुख महानगरों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ₹28 से लेकर ₹31 तक की वृद्धि हुई है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की अस्थिर कीमतों के कारण फिलहाल घरेलू या कमर्शियल उपभोक्ताओं को राहत मिलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
महानगरों में नई कीमतें और बढ़ोतरी का गणित
देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹28 की बढ़ोतरी हुई है, जिससे अब यहां एक सिलेंडर ₹1768.50 का मिलेगा। कोलकाता में महंगाई का सबसे ज्यादा असर दिखा है, जहाँ ₹31 की भारी वृद्धि के साथ दाम ₹1875.50 पर पहुँच गए हैं। मुंबई में राहत की बात यह है कि यहाँ सिलेंडर अन्य महानगरों के मुकाबले सबसे सस्ता है, लेकिन यहाँ भी ₹28.5 की तेजी के बाद नई कीमत ₹1720.50 हो गई है। दक्षिण भारत के चेन्नई में उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा मार झेलनी पड़ रही है, जहाँ ₹29.5 की बढ़ोतरी के बाद सिलेंडर ₹1929 के स्तर को छू गया है।
त्योहारों पर बढ़ेगा बाहर खाने का खर्च
कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर पड़ता है। होली के सीजन में जब लोग बाहर खाना पसंद करते हैं, तो गैस की बढ़ती कीमतें खाने-पीने की चीजों को भी महंगा कर देंगी। हालांकि, घरेलू सिलेंडर की कीमतों के स्थिर रहने से गृहिणियों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने से अप्रत्यक्ष रूप से मध्यम वर्ग की जेब पर बोझ बढ़ना तय है।