इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी और मौतों के मामले को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद नगर निगम स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। मामले में लापरवाही के आरोपों के बीच अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को उनके पद से हटा दिया गया है।

उनकी जगह खरगौन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) आकाश सिंह को इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन नए अपर आयुक्तों की नियुक्ति की गई है।
तीन नए अपर आयुक्तों की नियुक्ति
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार—
- आकाश सिंह, सीईओ जिला पंचायत खरगौन, को इंदौर नगर निगम का अपर आयुक्त बनाया गया है।
- प्रखर सिंह, सीईओ जिला पंचायत अलीराजपुर, को भी अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है।
- आशीष कुमार पाठक, उप परिवहन आयुक्त, इंदौर को नगर निगम में अपर आयुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
दूषित पानी कांड के बाद सरकार सख्त
गौरतलब है कि इंदौर में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण हैजा फैलने की पुष्टि हुई है। इस घटना में मौतों और संक्रमितों की संख्या को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए थे। इसी के बाद मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि नए अधिकारियों की तैनाती से नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार लाने और पेयजल व्यवस्था की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।