भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयकर विभाग (Income Tax Department) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरटीओ (RTO) के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की बेनामी संपत्ति पर शिकंजा कसा है। विभाग ने शाहपुरा स्थित एक निर्माणाधीन स्कूल भवन को अस्थायी रूप से ‘अटैच’ कर दिया है। यह कार्रवाई उस चर्चित मामले से जुड़ी है, जिसमें सौरभ शर्मा के ठिकानों से 12 करोड़ रुपये नकद और 10 किलो सोना बरामद हुआ था।
बेनामी संपत्ति का खुलासा: ट्रस्ट बना था ढाल
जांच में सामने आया है कि शाहपुरा में करीब 7.5 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह भव्य स्कूल भवन ‘राजमाता शिक्षा एवं समाज कल्याण ट्रस्ट’ के नाम पर पंजीकृत है। कागजों में इस ट्रस्ट के कर्ताधर्ता सौरभ की मां उमा शर्मा, उनके सहयोगी चेतन गौर और शरद जायसवाल हैं। हालांकि, आयकर विभाग की पड़ताल में यह साफ हो गया है कि यह ट्रस्ट केवल एक ‘बेनामीदार’ (मुखौटा) के रूप में काम कर रहा था, जबकि इस संपत्ति का असली मालिक और इसमें पैसा लगाने वाला वास्तविक व्यक्ति सौरभ शर्मा ही है।
मां और सहयोगियों को कारण बताओ नोटिस
बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम के तहत इस संपत्ति को अवैध पाया गया है। विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए सौरभ की मां उमा शर्मा, चेतन और शरद को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है। उनसे पूछा गया है कि इस निर्माण के लिए पैसा कहां से आया और ट्रस्ट की अन्य गतिविधियों का स्रोत क्या है?
नामी स्कूल की ली थी फ्रेंचाइजी
खबर है कि इस स्कूल को संचालित करने के लिए एक प्रमुख स्कूल चेन से फ्रेंचाइजी भी ली गई थी। आयकर विभाग अब निर्माण में लगे धन के स्रोतों की गहराई से जांच कर रहा है। विभाग के सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में सौरभ शर्मा और उनके करीबियों से जुड़ी अन्य संपत्तियों पर भी कुर्की की गाज गिर सकती है।