मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्ती, 5 हजार रुपये का समंस शुल्क वसूला
रमेश गुप्ता
दुर्ग, 15 फरवरी 2026।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को अनुशासित बनाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा 1 फरवरी 2026 से जिले के पांच प्रमुख चौक-चौराहों पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के पहले 13 दिनों में ही 2952 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई है।
हेलमेट नहीं पहनने वालों पर सर्वाधिक कार्रवाई
जांच के दौरान बिना हेलमेट दोपहिया चलाने वालों पर विशेष निगरानी रखी गई। आंकड़ों के अनुसार 1613 चालकों को केवल हेलमेट नहीं पहनने पर ई-चालान जारी किया गया। इसके अलावा सीट बेल्ट नहीं लगाने, ट्रिपल सवारी, तेज गति, गलत दिशा में वाहन संचालन और नो-पार्किंग जैसे उल्लंघनों पर भी कार्रवाई की गई।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में चालान राशि का भुगतान नहीं करने वाले वाहन चालकों को नियमानुसार नोटिस जारी किया जा रहा है। भुगतान न करने की स्थिति में प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे।
मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्त कार्रवाई
ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ भी सख्ती बरती जा रही है। 14 फरवरी को प्राप्त जनशिकायत के आधार पर बुलेट वाहन क्रमांक CG 07 CY 4558 को रोककर जांच की गई। वाहन चालक कमल कुमार रजक, निवासी हाटरी बाजार, दुर्ग के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 182(ए) के तहत 5000 रुपये का चालान किया गया। साथ ही मॉडिफाइड साइलेंसर को जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
विशेष टीम की सक्रिय भूमिका
अभियान में विशेष जांच टीम, ई-चालान प्रकोष्ठ तथा ड्यूटी में तैनात यातायात आरक्षकों की सतत और समन्वित भूमिका रही। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
यातायात एडिशनल एसपी सुश्री रिचा मिश्रा ने नागरिकों से सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करें, वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन न कराएं और यातायात नियमों का पालन करें। नियमों के उल्लंघन पर सतत वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।