बसंत पंचमी को लेकर भोजशाला परिसर फिर चर्चा में, दिग्विजय सिंह ने ASI आदेशों के पालन की मांग की

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला परिसर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। इस वर्ष बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 को शुक्रवार के दिन पड़ रही है, जिसे लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के पुराने आदेशों का सख्ती से पालन कराने की अपील की है।

दिग्विजय सिंह ने अपने संदेश में कहा कि ASI द्वारा वर्ष 2003, 2013 और 2016 में जारी आदेशों के अनुसार, यदि बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है तो हिंदू पक्ष को सुबह सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक पूजा-अर्चना की अनुमति है। इसके बाद दोपहर 1 से 3 बजे तक का समय मुस्लिम समुदाय को जुमे की नमाज के लिए दिया जाना चाहिए। वहीं पूजा-अर्चना दोपहर 3:30 बजे से सूर्यास्त तक दोबारा जारी रहेगी।

उन्होंने प्रशासन और राज्य सरकार से इन आदेशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने और सभी समुदायों से सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश अमन और शांति का प्रतीक है, इसे बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

बसंत पंचमी को देखते हुए भोजशाला परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रवेश द्वार के पास स्थित दरगाह और आसपास के कब्रिस्तान के बाहर बेरिकेड लगाकर क्षेत्र को सील कर दिया गया है। पूरे परिसर में जिग जैग बेरिकेडिंग की गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *