रमेश गुप्ता भिलाई। जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान लगभग 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में लगे अफीम के पौधों को जप्त किया गया, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹8 करोड़ आंकी गई है। मामले में NDPS एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कलेक्टर अभिषेक सिंह ने बताया कि थाना पुलगांव क्षेत्रांतर्गत जेवरा–सिरसा चौकी के अंतर्गत ग्राम समोदा, झेनझरी और सिरसा के मध्य स्थित खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मौके पर निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि खेत में मक्का और भुट्टे की फसल के बीच-बीच में अफीम के पौधे लगाए गए थे, ताकि अवैध खेती को छुपाया जा सके। संयुक्त टीम द्वारा खेत का विस्तृत निरीक्षण कर लगभग 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में लगे अफीम के पौधों को जप्त किया गया, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹8 करोड़ आंकी गई है।

कलेक्टर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर संभावना है कि अफीम की फसल अक्टूबर–नवंबर के दौरान लगाई गई होगी। हालांकि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व विभाग के संज्ञान में आने पर कलेक्टर के निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग, तहसीलदार दुर्ग एवं अतिरिक्त तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर भूमि अभिलेखों की जांच की। जांच में ग्राम झेनझरी, तहसील दुर्ग स्थित खसरा नंबर 309 (रकबा 80 डिसमिल) और खसरा नंबर 310 (रकबा 9 एकड़ 92 डिसमिल) सहित कुल 10 एकड़ 72 डिसमिल भूमि दर्ज पाई गई।

प्रारंभिक जांच में कुछ व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई है। पूछताछ के दौरान यह जानकारी भी मिली है कि अफीम की खेती के लिए बाहर से लोगों को बुलाकर काम कराया जा रहा था। पुलिस ने मामले में विनायक ताम्रकार (58 वर्ष) निवासी तेमरापारा दुर्ग, विकास बिश्नोई (27 वर्ष) निवासी जोधपुर राजस्थान और मनीष ठाकुर (45 वर्ष) को आरोपी बनाया है।
पुलिस के अनुसार, जप्त किए गए अफीम के पौधों की न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष विधिवत सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा, नगर पुलिस अधीक्षक हर्षित मेहर, एसडीओपी धमधा चित्रा वर्मा, सीएसपी भिलाई नगर सत्य प्रकाश, थाना पुलगांव पुलिस, जेवरा–सिरसा चौकी पुलिस के साथ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), आबकारी विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और खेती के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा तथा ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।