कटघोरा/कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘हनुमंत कथा’ शुरू होने से पहले ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम ढप-ढप में आयोजित होने वाली इस भव्य कथा के लिए रविवार रात करीब 8:30 बजे जैसे ही महाराज का आगमन हुआ, उनके रुकने के स्थान ‘अग्रसेन भवन’ में भारी हंगामा देखने को मिला।
क्यों शुरू हुआ विवाद?
इस कार्यक्रम की कमान ‘अपना घर सेवा परिवार’ के पार्षद अमरजीत सिंह और उनकी टीम संभाल रही है। विवाद उस समय भड़का जब धीरेंद्र शास्त्री के पीएसओ (PSO) बसंत अग्रवाल और आयोजन समिति के बीच बैठक व्यवस्था और महाराज से मुलाकात को लेकर चर्चा चल रही थी। आरोप है कि बसंत अग्रवाल अपने चहेते मेहमानों को वीआईपी ट्रीटमेंट देने की जिद कर रहे थे, जिससे आयोजक अमरजीत सिंह नाराज हो गए और दोनों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
गाली-गलौज से मारपीट तक पहुंची बात
देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि शब्दों की मर्यादा तार-तार हो गई। दोनों पक्षों के बीच पहले धक्का-मुक्की हुई और फिर मामला मारपीट तक जा पहुँचा। अग्रसेन भवन के अंदर अचानक मचे इस शोर-शराबे और हंगामे को देख वहां मौजूद श्रद्धालु और भक्त भी दंग रह गए। माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था।
पुलिस और प्रशासन ने शांत कराया मामला
विवाद बढ़ता देख वहां तैनात पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अमले ने तुरंत हस्तक्षेप किया। काफी जद्दोजहद के बाद दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर उनके बीच सुलह कराई गई। मामला शांत होने के बाद रात करीब 11 बजे पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भवन से बाहर आकर भक्तों को दर्शन दिए और अपना आशीर्वाद प्रदान किया।