कांकेर। विश्व महिला दिवस महिलाओं के योगदान, संघर्ष और उपलब्धियों को सम्मान देने का अवसर है। समाज के हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी मेहनत और समर्पण से नई पहचान बना रही हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी कड़ी में लिसी वर्गीस का नाम प्रेरणादायक रूप से सामने आता है, जो मदर मेरी हॉस्पिटल में सेवारत रहकर मरीजों की सेवा कर रही हैं।
अस्पताल में कार्य करना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का कार्य होता है। लिसी वर्गीस अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करती हैं। मरीजों की देखभाल, उनकी समस्याओं को समझना और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाना उनके कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अक्सर अस्पताल आने वाले मरीज और उनके परिजन चिंता और डर के माहौल में होते हैं। ऐसे समय में लिसी वर्गीस का सौम्य व्यवहार और सहयोगी स्वभाव मरीजों को भरोसा और हिम्मत देता है। उनकी यही सेवा भावना उन्हें एक जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मी के साथ-साथ समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनाती है।
विश्व महिला दिवस के अवसर पर लिसी वर्गीस जैसी महिलाएं यह संदेश देती हैं कि समर्पण, सेवा और करुणा से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उनका कार्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के लिए प्रेरणा है और समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण भी।