जगदलपुर। बस्तर पंडुम के भव्य समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर के विकास का ‘ब्लूप्रिंट’ पेश किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि अगले 5 वर्षों में बस्तर एक विकसित इलाका बनेगा। शाह ने स्पष्ट किया कि बस्तर की असली पहचान बारूद नहीं, बल्कि यहां की समृद्ध संस्कृति और विरासत है।
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद मुक्त होगा बस्तर गृह मंत्री ने सुरक्षा बलों के हौसले की सराहना करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 की समय सीमा तक बस्तर पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार डालकर मुख्यधारा में लौट आएं, सरकार उनके पुनर्वास की पूरी व्यवस्था करेगी। उन्होंने बताया कि ‘पूना मारगेम’ योजना के तहत अब तक करीब 2500 माओवादी सरेंडर कर चुके हैं।
शिक्षा, सड़क और तकनीक पर जोर विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए अमित शाह ने कहा कि हर 5 किलोमीटर के दायरे में बैंक खुलेंगे और 27 दिसंबर से पहले हर गांव तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि नक्सलवाद के कारण 40 साल से बंद स्कूलों को राज्य सरकार ने फिर से खोल दिया है। युवाओं के लिए 128 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र बनेगा और 90 हजार युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पर्यटन और सिंचाई की बड़ी योजनाएं बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘ग्लास ब्रिज’ और ‘होम स्टे’ जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सिंचाई के क्षेत्र में दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में 2.75 लाख एकड़ भूमि को सिंचित करने की योजना है। इसके साथ ही नदी जोड़ो परियोजना और रावघाट परियोजना को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही बस्तर में चार दशक पुराना नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें ले रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार गणतंत्र दिवस पर 40 से अधिक ऐसे गांवों में तिरंगा फहराया गया जहां पहले कभी नहीं फहराया गया था।
बस्तर पंडुम में कला का संगम इस वर्ष का बस्तर पंडुम ऐतिहासिक रहा, जिसमें 12 अलग-अलग विधाओं में बस्तर संभाग के 55 हजार से अधिक कलाकारों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। समापन समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया।