लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ में आयोजित विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया और उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा साहेब न केवल सामाजिक न्याय के अग्रदूत और संविधान निर्माता थे, बल्कि उन्होंने जीवन भर शिक्षा, समानता और स्वाभिमान की अलख जगाई। उनके विचार और दूरदृष्टि आज भी भारतीय लोकतंत्र की नींव हैं।

समानता और सामाजिक न्याय का संदेश
सीएम योगी ने कहा कि तुष्टीकरण की नीति पर चलने वाले दल न केवल देश के हित के खिलाफ हैं, बल्कि बाबा साहेब के सिद्धांतों का भी अपमान कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संदेश को भी याद दिलाया, जिसके तहत योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर गरीब, वंचित, दलित, पिछड़े, महिला और युवाओं तक पहुँचता है।
सरकारी योजनाओं और सुरक्षा की घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार अगले 1-2 महीने में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों और संविदा कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा, प्रदेशभर में जहां-जहां बाबा साहेब की प्रतिमाएं स्थापित हैं, उनकी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। जिन मूर्तियों के ऊपर छत नहीं है, वहां जल्द छत का निर्माण किया जाएगा।
अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए नई पहल
सीएम योगी ने बताया कि नई छात्रवृत्ति योजनाओं और पंचतीर्थ निर्माण जैसे कार्य बाबा साहेब के समानता और आत्मसम्मान के विचारों को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार उनके जीवन दर्शन से प्रेरित होकर समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने और भारतीय संविधान के गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
श्रद्धांजलि और माल्यार्पण
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन दर्शन हर भारतीय के लिए प्रेरणा स्रोत है और उनका योगदान हमें समानता, न्याय और स्वाभिमान के मार्ग पर अग्रसर करता रहेगा।