नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति में जन्म, विवाह और मृत्यु को ईश्वरीय विधान माना गया है, जिसे समय से पूर्व जान पाना मानवीय सीमाओं से परे है। हालांकि, वैदिक ज्योतिष में ग्रह-नक्षत्रों की गणना के माध्यम से जीवन में होने वाले परिवर्तनों का पूर्वानुमान लगाया जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, वर्ष 2026 कुछ विशेष राशियों के लिए वैवाहिक दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ रहने वाला है। बृहस्पति और शुक्र की अनुकूल स्थिति के कारण इन राशियों के जातकों की सगाई या विवाह के योग बन रहे हैं।
वृषभ राशि के लिए यह वर्ष भाग्यशाली सिद्ध होगा। ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार, जून तक शुक्र का प्रभाव और सातवें भाव पर बृहस्पति की दृष्टि से परिवार की सहमति से विवाह के प्रस्ताव आएंगे। विशेष रूप से 26 और 27 अप्रैल के आस-पास शुभ मुहूर्त के दौरान विवाह या सगाई की संभावनाएं प्रबल रहेंगी। यह समय रिश्तों में भावनात्मक स्थिरता और दीर्घकालिक जुड़ाव लेकर आएगा।
कर्क राशि के जातकों के लिए भी यह समय सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है। बृहस्पति के शुभ प्रभाव से रिश्तों में बेहतर तालमेल देखने को मिलेगा। 3 फरवरी से शुरू हुआ अनुकूल समय 19 जून तक प्रभावी रहेगा, जिसमें परिवार के बुजुर्गों की सहायता से रिश्ते तय होने की उम्मीद है। सगाई के बाद प्रेम संबंधों में सफलता मिलने के भी अच्छे संकेत मिल रहे हैं।
कन्या राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर उनके रिश्तों में स्पष्टता लाएगा। ग्रहों की स्थिति के अनुसार, 2 जून तक विवाह के प्रबल योग बने हुए हैं। राहु के कारण आ रही बाधाएं दूर होंगी और 26 जून या 3 दिसंबर जैसी तिथियों के आसपास जीवनसाथी से मुलाकात या विवाह की चर्चा आगे बढ़ सकती है। आपसी समझ और बेहतर तालमेल से इन जातकों के वैवाहिक संबंध भविष्य में और अधिक प्रगाढ़ होंगे।