सहायक शिक्षक भर्ती 2023: न्यायालयीन आदेशों की अनदेखी का आरोप, डीएड अभ्यर्थियों का आमरण अनशन आज 22वें दिन में प्रवेश

छत्तीसगढ़ राज्य की सहायक शिक्षक भर्ती 2023 से जुड़े डीएड (D.El.Ed.) योग्य अभ्यर्थियों का आमरण अनशन आज 22वें दिन भी जारी है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि माननीय उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद राज्य सरकार द्वारा अब तक उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई, जिससे वे गंभीर मानसिक, आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं।

डीएड अभ्यर्थियों ने बताया कि 2621 बीएड योग्य अभ्यर्थियों की बर्खास्तगी के बाद भी उनके स्थान पर डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं की गई। उल्टा, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए बर्खास्त किए गए बीएड अभ्यर्थियों को विज्ञान प्रयोगशालाओं में समायोजित कर दिया गया। वहीं, सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के अंतर्गत अब भी लगभग 2300 पद रिक्त पड़े हुए हैं।

न्यायालयों के स्पष्ट आदेश, फिर भी कार्रवाई नहीं

अभ्यर्थियों के अनुसार माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने इस मामले में 2 अप्रैल 2024 और पुनः 26 सितंबर 2025 को स्पष्ट आदेश पारित करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके अतिरिक्त, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी 28 अगस्त 2024 को राज्य शासन को आवश्यक कार्यवाही करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद आज दिनांक तक इन आदेशों का पालन नहीं किया गया है।

विधानसभा में उठा मुद्दा, जवाब से बढ़ी निराशा

डीएड अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने शासन-प्रशासन को कई बार ज्ञापन, आवेदन और निवेदन सौंपे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस विषय को लेकर 17 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के दौरान विधायक माननीय रीकेस सेन द्वारा प्रश्न उठाया गया कि सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के शेष पदों पर नियुक्ति कब तक की जाएगी।
इसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने किसी भी प्रकार की समय-सीमा बताने से इनकार कर दिया, जिससे अभ्यर्थियों में भारी निराशा फैल गई।

“यह शासन की उदासीनता और आदेशों की अवहेलना”

डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि जब न्यायालय बार-बार स्पष्ट निर्देश दे चुका है, तब भी समय-सीमा बताने से इनकार करना शासन की उदासीनता और न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना को दर्शाता है। इसी कारण उन्हें संविधान के तहत प्रदत्त अधिकारों के संरक्षण के लिए शांतिपूर्ण, अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीके से आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।

स्वास्थ्य बिगड़ा, 6 अभ्यर्थी अस्पताल रेफर

आमरण अनशन के दौरान आज 6 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल रेफर किया गया है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी अनशनकारी की स्वास्थ्य स्थिति और बिगड़ती है या कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी संपूर्ण नैतिक, प्रशासनिक और संवैधानिक जिम्मेदारी—

  • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
  • शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव
  • वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी
  • शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी
  • डीपीआई संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी

तथा संबंधित शासन-प्रशासन की होगी।

गैर-राजनीतिक आंदोलन, केवल नियुक्ति की मांग

डीएड अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है। उनका एकमात्र उद्देश्य न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के शेष 2300 पदों पर डीएड योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति सुनिश्चित कराना है।

अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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