रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में गौवंश, कृत्रिम गर्भाधान और दुग्ध उत्पादन जैसे मुद्दों पर जमकर बहस हुई। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में मादा गौवंशीय पशुओं की संख्या, उनके गर्भाधान की नीति और टीकाकरण की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर नहीं है और इस क्षेत्र की स्थिति काफी दयनीय है। इस पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार आपकी है और काम आप नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन दोष विपक्ष पर मढ़ा जा रहा है। सदन में चिराग परियोजना और प्रदेश में नए पशु चिकित्सा केंद्रों की स्थापना को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने ग्रामीण अंचलों में बछिया और कृत्रिम गर्भाधान की समस्या को प्रमुखता से उठाया। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिराग परियोजना के तहत खर्च की गई राशि और उसके कार्यों की प्रगति पर सरकार से जवाब मांगा।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सदन में इन सवालों का जवाब देते हुए सरकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति, राष्ट्रीय गोकुल मिशन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी की जानकारी दी। आज की कार्यवाही में कुल 77 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें प्रदेश की कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और पशुपालकों से जुड़ी चिंताएं शामिल रहीं।