सक्ती, छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किए गए “संकल्प” बजट पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के जिला अध्यक्ष अर्जुन राठौर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “आंकड़ों का मायाजाल” और “जनता को थमाया गया झुनझुना” करार दिया है। राठौर ने कहा कि यह बजट किसानों, युवाओं और बेरोजगारों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरने में असफल साबित हुआ है।
अर्जुन राठौर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगभग 30 लाख से अधिक युवा बेरोजगार हैं, लेकिन बजट में उनके लिए न तो किसी बड़े पैमाने की भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख है और न ही रोजगार सृजन का स्पष्ट रोडमैप। “छत्तीसगढ़ एक युवा प्रदेश है। अगर युवाओं को ही नजरअंदाज किया जाएगा तो विकास की परिकल्पना कैसे पूरी होगी?” उन्होंने सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने बड़े-बड़े दावे और आकर्षक घोषणाएं जरूर की हैं, लेकिन जमीनी हकीकत से उनका कोई सीधा संबंध नजर नहीं आता। किसानों के लिए समर्थन मूल्य, सिंचाई सुविधा और बढ़ती लागत पर नियंत्रण जैसे मूल मुद्दों पर ठोस निर्णय का अभाव साफ दिखाई देता है। मजदूरों, छोटे व्यापारियों और गरीब तबके के लिए भी बजट में कोई प्रभावी प्रावधान नजर नहीं आता।
अर्जुन राठौर ने बजट को “कर्ज लेकर सपने बेचने की राजनीति” बताते हुए कहा कि योजनाओं की घोषणा करना आसान है, लेकिन उनका लाभ कब और कैसे मिलेगा, इस पर सरकार मौन है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और गरीब वर्ग के नाम पर की गई घोषणाएं भी केवल राजनीतिक स्टंट साबित होंगी, यदि उनमें पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन नहीं होगा।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के जिला अध्यक्ष अर्जुन राठौर ने राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि आज लिया गया कर्ज आने वाले समय में महंगाई और नए करों के रूप में जनता पर ही बोझ बनेगा। “सिर्फ लच्छेदार भाषणों से गरीबों का पेट नहीं भरने वाला। उन्हें काम चाहिए, युवाओं को रोजगार चाहिए,” राठौर ने दो टूक कहा।
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनता की वास्तविक समस्याओं पर गंभीरता से कदम नहीं उठाए, तो जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। बजट पर उठे इन सवालों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
बजट में किसान युवा बेरोजगारो की हुई उपेक्षा ,अर्जुन राठौर

25
Feb